Weather Update News : दिल्ली-एनसीआर मानसून की विदाई के साथ ही यहां उमस और गर्मी से लोग बेहाल नजर आ रहे हैं। तापमान बढ़ने के साथ यहां लोगों को चिलचिलाती धूप और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। आगामी दिनों में बारिश की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। देशभर के कई राज्यों में अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। हालांकि कुछ राज्यों में अभी भी बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दिल्ली की तरह ही इन सभी शहरों को भी ग्रीन जोन में रखा गया है। बारिश की कमी के कारण इन सभी शहरों में उमस भरी गर्मी पड़ रही है। तेज धूप के बीच उमस से लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं। हालांकि कुछ राज्यों में अभी भी बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। देशभर के कई राज्यों में अब मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। हालांकि कुछ राज्यों में अभी भी बारिश का सिलसिला बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान के लिए मानसून का यह सीज़न काफी अच्छा रहा है। इससे राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। हालांकि अब राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे पिछले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई है। लेकिन मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार राजस्थान में मानसून का कमबैक होगा। उत्तर पश्चिम भारत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा के कुछ जिलों में अगले 100 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में अगले 100 घंटों में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, यनम, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में कुछ इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ जमकर बादल बरसेंगे।
पश्चिम भारत में मानसून की तेज़ रफ्तार से महाराष्ट्र, गोवा और कोंकण के कुछ जिलों में अगले 100 घंटों में गरज के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। पूर्व विदर्भ पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है।
पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्र पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण है, जो समुद्र तल से 3.1 किमी तक फैला हुआ है। मेघालय पर 3.1 से 4.5 किमी ऊंचाई तक एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। असम के मध्य भागों पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवाती परिसंचरण है, जो समुद्र तल से 3.1 किमी तक फैला है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ऊपरी वायु परिसंचरण और तीव्र नमी के कारण पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों में 19 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान जताया। आईएमडी ने कहा कि दक्षिण बंगाल के कई जिलों को बादल गरजने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर ऊपरी वायु परिसंचरण तथा तीव्र नमी के कारण पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों-दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूच बिहार व अलीपुरद्वार में 19 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, पश्चिम बंगाल में मध्यम से भारी बारिश हुई। विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु के तटवर्ती इलाके और हिमाचल प्रदेश में मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बौछारें गिरीं।
उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और बिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, दक्षिण गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और कच्छ में हल्की बारिश दर्ज की गई।
अगले 24 घंटे के दौरान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश संभव है। महाराष्ट्र, पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बौछारें हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दक्षिण गुजरात, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप और आंध्र प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी मध्य प्रदेश और लद्दाख में हल्की बारिश की संभावना है।
Edited By : Chetan Gour