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Last Modified: नई दिल्ली/ वॉशिंगटन , रविवार, 18 जनवरी 2026 (23:54 IST)

क्‍या गाजा के भविष्य का फैसला करेगा भारत, 'बोर्ड ऑफ पीस' के लिए ट्रंप ने मोदी को भेजा न्योता

Trump sent an invitation to Modi to join Board of Peace
Prime Minister Modi invited to Board of Peace : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा के लिए बनाए गए 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है। यह बोर्ड युद्ध से तबाह हो चुके गाजा में शासन व्यवस्था और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा। ऐसे में सवाल है खड़ा हो रहा कि क्या भारत इस वैश्विक शांति पहल में शामिल होकर पश्चिम एशिया में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा? हालांकि भारत सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह पहल ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना का हिस्सा है, जिसका गठन 15 जनवरी को किया गया था।
खबरों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा के लिए बनाए गए 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है। यह बोर्ड युद्ध से तबाह हो चुके गाजा में शासन व्यवस्था और पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा।
ऐसे में सवाल है खड़ा हो रहा कि क्या भारत इस वैश्विक शांति पहल में शामिल होकर पश्चिम एशिया में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा? हालांकि भारत सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। ट्रंप प्रशासन की यह पहल इसराइल-हमास संघर्ष के बाद क्षेत्र में स्थाई शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
 
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह पहल ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना का हिस्सा है, जिसका गठन 15 जनवरी को किया गया था। इस योजना के तहत तीन प्रमुख ब्‍लाक होंगे। मेन बोर्ड जिसकी अध्यक्षता खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। ट्रंप इस मॉडल को केवल गाजा तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि भविष्य में दुनिया के अन्य संघर्षों को सुलझाने के लिए भी इसे एक ढांचे के रूप में देख रहे हैं।
भारत और इसराइल के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी है। रक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर दोनों देश एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं। भारत ने हमेशा फिलिस्तीन के लोगों के कल्याण का समर्थन किया है। संघर्ष शुरू होने के बाद भारत उन पहले देशों में शामिल था, जिसने मिस्र के रास्ते गाजा को मानवीय सहायता दवाइयां, भोजन, राहत सामग्री भेजी थी।
 
इस आमंत्रण के बाद दोनों देशों के बीच के रिश्ते सुधरने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी पिछले साल सितंबर में अमेरिका जाने वाले थे जहां उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्चस्तरीय बैठक में भाग लेना था लेकिन अंतिम समय में उनका दौरा रद्द हो गया था, जिसके बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनकी जगह मीटिंग में भाग लिया था।
इस बोर्ड में कूटनीति, विकास और आर्थिक रणनीति के अनुभवी नेताओं को जगह दी गई है। इसमें तुर्की, मिस्र, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत करीब 60 देशों के प्रमुखों को शांति संस्था में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
Edited By : Chetan Gour
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