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Last Modified: नूक , रविवार, 18 जनवरी 2026 (16:01 IST)

ट्रंप के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग, बोले- ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है...

Protests against Donald Trump
US President Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के विवादित बयानों के खिलाफ शनिवार को ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी दूतावास तक मार्च कर साफ संदेश दिया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और वहां मौजूद प्राकृतिक संसाधन अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं। उनका तर्क है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं किया, तो रूस और चीन वहां अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं।

खबरों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के विवादित बयानों के खिलाफ शनिवार को ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी दूतावास तक मार्च कर साफ संदेश दिया कि ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति और वहां मौजूद प्राकृतिक संसाधन अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं। उनका तर्क है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं किया, तो रूस और चीन वहां अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं। 
 
प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे- ‘ग्रीनलैंड नहीं बिकेगा’, ‘हम अपना भविष्य खुद तय करेंगे’, 'अमेरिका को वापस भेजो'। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से अमेरिका को चेताया कि ग्रीनलैंड को अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार है। लगभग 20 हजार की आबादी वाले इस शहर में करीब एक-चौथाई लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।
इस मार्च में न केवल युवा और बुजुर्ग, बल्कि बच्चे भी शामिल हुए। वहीं इस रैली के दौरान 9 साल की बच्ची अलास्का ने 'ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है' का पोस्टर लहराकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रंप अब खुली धमकियों पर उतर आए हैं।
 
इस विवाद के बीच यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में सीमित संख्या में सैनिक भेजने की योजना बनाई है। स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने भी कई अधिकारियों को ग्रीनलैंड में शामिल कर सैन्य अभ्यास कराया। ग्रीनलैंड फिलहाल डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और NATO का सदस्य भी है। NATO के नियमों के अनुसार, एक सदस्य देश किसी अन्य सदस्य देश पर कब्जा नहीं कर सकता।
अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण पाने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। कुछ मुल्कों ने ग्रीनलैंड सौदे का विरोध किया तो इसका भी इलाज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ढूंढ़ लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अमेरिका के नियंत्रण का विरोध करने वाले 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।
 
जिन देशों के खिलाफ उन्होंने ये एक्शन लिया है, उनमें डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड और फिनलैंड शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ये टैरिफ फरवरी से लागू होगा। इतना ही नहीं अगर ग्रीनलैंड को लेकर डील नहीं होती है तो 1 जून को इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ये टैरिफ तब तक देना होगा जब तक ग्रीनलैंड की पूरी खरीद के लिए कोई डील नहीं हो जाती। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है।
Edited By : Chetan Gour
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