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Last Modified: वॉशिंगटन , सोमवार, 12 जनवरी 2026 (14:20 IST)

अगर मैं प्रेसिडेंट नहीं होता तो NATO नहीं होता: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा!

donald trump
Donald Trump on NATO : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति नहीं होते तो NATO का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब NATO सदस्य देशों के रक्षा खर्च को लेकर बहस छिड़ी हुई है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में NATO देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की मांग की थी, और अब वे दावा कर रहे हैं कि उनके प्रयासों से ही संगठन मजबूत हुआ है।
 
ट्रंप ने हाल ही में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'मैं वो नहीं हूं जिसने NATO को बचाया। मैं ही वो हूं जिसने उनसे GDP का 5% खर्च करवाया। पहले यह 2% था, और वे भुगतान नहीं कर रहे थे। अब वे 5% खर्च कर रहे हैं। मैं ही वो हूं जिसने NATO को बचाया। अगर मैं प्रेसिडेंट नहीं होता तो NATO नहीं होता। ALSO READ: वेनेजुएला, ईरान और ग्रीनलैंड के बाद क्यूबा को ट्रंप की धमकी
 
उन्होंने कहा कि शायद NATO नाराज हो जाता अगर मैंने US को NATO से बाहर निकाल लिया। शायद NATO बहुत सारा पैसा बचा लेता। मुझे NATO पसंद है। मैं बस सोचता हूं कि अगर हमें NATO की ज़रूरत पड़ी, तो क्या वे हमारे लिए वहां होंगे? मुझे पक्का नहीं पता कि वे होंगे। हमने NATO पर बहुत पैसा खर्च किया है।
 
ट्रंप का यह दावा उनके पुराने रुख को दोहराता है, जहां वे NATO सदस्यों पर अमेरिका का बोझ ज्यादा होने का आरोप लगाते रहे हैं। उनके अनुसार, अमेरिका NATO के लिए सबसे ज्यादा योगदान देता है, जबकि अन्य देश अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते। 

हालांकि, फैक्ट चेक रिपोर्ट्स में ट्रंप के दावों को अतिरंजित बताया गया है। NATO का मूल लक्ष्य सदस्य देशों द्वारा अपने GDP का 2% रक्षा पर खर्च करना था, जो 2014 में तय हुआ था। लेकिन 2025 के NATO समिट में, सदस्य देशों ने GDP का 5% रक्षा पर खर्च करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसका श्रेय ट्रंप को दिया जा रहा है। 
 
वर्तमान में, NATO के कुल 32 सदस्य देशों में से कई ने अपना रक्षा बजट बढ़ाया है। 2026 के लिए NATO का सैन्य बजट लगभग 2.42 बिलियन यूरो तय किया गया है, जबकि कुल रक्षा खर्च में वृद्धि देखी जा रही है। ALSO READ: वेनेजुएला को लेकर ट्रंप का बड़ा एलान, खुद को एक्टिंग प्रेसिडेंट बताया
 
ट्रंप ने आगे कहा कि वे युद्ध से लाभ कमाने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि जीवन बचाने पर फोकस करना चाहते हैं। उन्होंने यूक्रेन युद्ध को 'बाइडेन का युद्ध' बताते हुए कहा कि अगर वे राष्ट्रपति होते तो यह कभी नहीं होता।
 
यह बयान NATO के भविष्य और अमेरिका की भूमिका पर नई बहस छेड़ सकता है। यूरोपीय नेता ट्रंप के दबाव को मानते हुए रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूस की आक्रामकता के कारण भी है। ट्रंप का यह रुख उनके दूसरे कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
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