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Last Updated : बुधवार, 4 फ़रवरी 2026 (13:39 IST)

क्या भारत में बंद हो जाएंगे WhatsApp और Meta? सुप्रीम कोर्ट की दो टूक- 'संविधान नहीं मान सकते, तो देश छोड़ दें

WhatsApp Meta
Supreme Court WhatsApp Meta India News : भारत में व्हाट्सएप (WhatsApp) और इसकी पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मंगलवार (3 फरवरी, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने डेटा शेयरिंग पॉलिसी को लेकर इन कंपनियों को कड़ी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि ये कंपनियां भारत की संवैधानिकता का मजाक बना रही हैं और अगर वे देश के नियमों का पालन नहीं कर सकतीं, तो उन्हें भारत से अपनी सेवाएं समेट लेनी चाहिए।

'शेर और मेमने के बीच समझौते जैसा'
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) ने व्हाट्सएप के एकाधिकार (Monopoly) पर सवाल उठाए। उन्होंने कंपनियों के 'ऑप्ट-आउट' (बाहर निकलने) के विकल्प को छलावा बताते हुए कहा:

बाजार में आपका एकाधिकार है और आप कहते हैं कि आप विकल्प दे रहे हैं। यह विकल्प तो 'शेर और मेमने' के बीच समझौते जैसा है—या तो व्हाट्सएप छोड़ दो या अपना डेटा दो। हम इसकी अनुमति क्यों दें?"

डेटा शेयरिंग को बताया 'सभ्य तरीके से जानकारी की चोरी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी कंपनी को नागरिकों के निजी डेटा का व्यावसायिक शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि गरीब रेहड़ी-पटरी वाले या आम नागरिक उन जटिल नियमों और शर्तों को नहीं समझ सकते जो चालाकी भरी कानूनी भाषा में लिखे होते हैं। जस्टिस ने इसे "निजी जानकारी की चोरी करने का एक सभ्य तरीका" करार दिया।

213 करोड़ का जुर्माना और 9 फरवरी की सुनवाई

यह पूरा मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा व्हाट्सएप पर लगाए गए **213 करोड़ रुपये के जुर्माने** से जुड़ा है। सीसीआई ने यह जुर्माना 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी के जरिए यूजर्स पर डेटा साझा करने का दबाव बनाने के लिए लगाया था। हालांकि कंपनियों ने तर्क दिया कि डेटा सुरक्षा के लिए 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' है, लेकिन कोर्ट इस बात पर अड़ा है कि यूजर्स के व्यवहार और डेटा का इस्तेमाल विज्ञापनों के लिए नहीं होना चाहिए।

आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने अब केंद्र सरकार (MeitY) को भी इस मामले में पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने कंपनियों से हलफनामा मांगा है कि वे डेटा साझा नहीं करेंगी। मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 9 फरवरी को होगी, जिसमें अंतरिम निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
Edited By: Naveen R Rangiyal
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