गुरुवार, 26 मार्च 2026
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Last Updated : शनिवार, 21 मार्च 2026 (15:08 IST)

भारत में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल, NCC कैडेट्‍स की संख्‍या भी बढ़ेगी

Rajnath Singh
100 New Sainik Schools: देश की रक्षा तैयारियों को नई धार देते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने युवाओं के लिए घोषणाओं का पिटारा खोल दिया है। अब देश में 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे और NCC में भर्ती का लक्ष्य 17 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया है। रक्षामंत्री सिंह ने कहा कि तैयार रहें, हमेशा तैयार रहें। 
 
उत्तराखंड के घोड़ाखाल सैनिक स्कूल के हीरक जयंती समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा कि तैयार रहने से मेरा मतलब यह नहीं कि आप केवल किसी युद्ध के लिए ही तैयार रहें, बल्कि तैयार रहने का मेरा मतलब यह है कि आप सामने आने वाली हर परिस्थिति के लिए तैयार रहें। यह तैयारी मानसिक दृढ़ता (mental toughness) की है ताकि आप कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखें। यह तैयारी बौद्धिक स्पष्टता (intellectual clarity) की है, ताकि आप सही और गलत में फर्क कर सकें।

100 नए सैनिक स्कूल बनाएंगे 

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही, हमने नेशनल कैडेट कोर में भर्तियां बढ़ाई हैं। पहले NCC में 17 लाख भर्तियां होती थीं, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख करने का फैसला लिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे, राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक मूल्यों को सीख सकें। सैनिक स्कूलों से निकलने वाले बच्चों का, अनुशासन और समर्पण, बाकी दूसरे बच्चों के लिए, एक उदाहरण होता है। इसलिए सैनिक स्कूल की संख्या को बढ़ाने के लिए, कुछ समय पहले हमारी सरकार ने यह निर्णय लिया, कि हम PPP यानी पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप के आधार पर, देश भर में 100 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना करेंगे।

अनुशासन को जीवन में सर्वोपरि रखें 

रक्षामंत्री ने कहा कि मैं सभी कैडेट्स से कहना चाहता हूं कि अनुशासन को अपने जीवन में सर्वोपरि रखें क्योंकि यही आपके जीवन में आपको आगे बढ़ाएगा। साथ ही, फिजिकल फिटनेस को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं क्योंकि एक मजबूत शरीर ही मजबूत मन का आधार होता है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास उसकी समृद्धि का प्रमाण है। लेकिन इसी समृद्धि के कारण, भारत पर बाहरी आक्रमण भी हुए। भारत का इतिहास, केवल संघर्षों का नहीं बल्कि लचीलेपन का इतिहास है। हर संकट में, भारत ने स्वयं को पुनः स्थापित किया, खुद को अपग्रेड किया। हजारों वर्षों के उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत आज भी ऊर्जा, आत्मविश्वास और दृढ़ता के साथ दुनिया में खड़ा है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala