राहुल गांधी बोले — सरकार कह रही ‘Four Stars of Destiny’ है ही नहीं, PM मोदी को संसद में दूंगा नरवणे की किताब
Rahul Gandhi Naravane book controversy : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की किताब Four Stars of Destiny का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि सरकार किताब के अस्तित्व से इनकार कर रही है और वे प्रधानमंत्री मोदी को संसद में इसकी कॉपी भेंट करेंगे।
राहुल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आज अगर प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा। यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है। यह किताब किसी विदेशी लेखक की नहीं है। यह किताब है देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की - और हैरानी की बात यह है कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के हिसाब से मौजूद ही नहीं है। इस किताब में साफ़ लिखा है कि जब चीनी सेना हमारी सीमा में घुस आई थी, ऐसी नाज़ुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतजार करवाया।
उन्होंने कहा कि नरवणे जी ने अपनी किताब में पूरा लिखा है...मुख्य बात वही है जो PM ने कहा - 'जो उचित समझो वो करो'। जब (पूर्व) आर्मी चीफ जनरल नरवणे ने राजनाथ सिंह जी को फोन किया और कहा कि चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए हैं, तो हमें क्या करना चाहिए? पहले, राजनाथ सिंह ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने जयशंकर जी, NSA और राजनाथ सिंह से पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
फिर उन्होंने एक बार फिर राजनाथ सिंह को फोन किया। राजनाथ सिंह ने उनसे कहा कि वह 'टॉप' से पूछेंगे। 'टॉप' का स्टैंडिंग ऑर्डर था कि अगर चीनी सेना आती है, तो हमें बिना इजाजत के उन पर गोली नहीं चलानी चाहिए। नरवणे जी और हमारी सेना उन टैंकों पर गोली चलाना चाहती थी क्योंकि वे हमारे इलाके में घुस गए थे।
राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया कि जो उचित समझो वो करो। इसका मतलब है कि नरेंद्र मोदी ने अपनी ड्यूटी पूरी नहीं की; उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि जो मन करे वो करो क्योंकि 'यह मेरे बस की बात नहीं है।' नरवणे जी लिखते हैं, 'मुझे सच में बहुत अकेला महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।'
edited by : Nrapendra Gupta