सम्बंधित जानकारी
- क्या मोदी सरकार और RBI के बीच के टकराव का नतीजा है उर्जित पटेल का इस्तीफा?
- RBI के गवर्नर उर्जित पटेल ने दिया इस्तीफा, जानिए 4 कारण
- काशी में मंदिर 'तोड़े जाने' के मुद्दे पर निजी विधेयक लाएंगे संजय सिंह
- उर्जित पटेल ने RBI गवर्नर पद से दिया इस्तीफा, निजी कारणों को बताया वजह
- निजामुद्दीन दरगाह में महिलाओं के प्रवेश से मनाही पर सरकार से दिल्ली हाईकोर्ट से मांगा जवाब
'भाजपा हटाओ और संविधान बचाओ' के लिए विपक्ष एकजुट
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर विपक्षी दलों ने आपसी एकजुटता का परिचय देते हुए 'भारतीय जनता पार्टी हटाओ और संविधान बचाओ' का नारा दिया है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद के भीतर और बाहर अपनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है।
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार को मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ लामबंद होते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे से उपजी स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य जांच एजेंसियों तथा चुनाव आयोग में सरकार के बढ़ते हस्तक्षेप को देखते हुए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को बचाए रखना जरूरी हो गया है और इसके लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हैं।
विपक्षी दलों के नेताओं ने सोमवार की अपनी बैठक को सफल बताया और कहा कि मंगलवार को संसद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद विपक्षी दलों के नेता फिर बैठक करेंगे और इस लड़ाई को अंजाम देने के लिए रणनीति पर विचार करेंगे। सोमवार की बैठक में समाजवादी तथा बहुजन समाज पार्टी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हो सका।
करीब 2.30 घंटे चली बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी दलों ने एक स्वर में इस बात पर सहमति जताई कि रिजर्व बैंक जैसे संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता में भाजपा तथा आरएसएस के हस्तक्षेप को बंद किया जाना चाहिए। (वार्ता)
