नरेन्द्र मोदी से वसुंधरा की मुलाकात के मायने? क्या राजस्थान में कुछ बड़ा होने वाला है
Vasundhara Raje meeting with Modi: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 9 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके सरकारी आवास पर परिवार सहित मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस मुलाकात के बाद राज्य में एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
वसुंधरा के जन्मदिन पर हुई मुलाकात
राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री वसुंधरा ने अपनी पोस्ट में लिखा- नई दिल्ली में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सरकारी आवास पर उनसे सपरिवार मुलाकात की और मार्गदर्शन लिया। हालांकि 30 मिनट से ज्यादा चली इस मुलाकात की असल वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इससे कई राजनीतिक अटकलों को बल मिला है। मुलाकात के दौरान वसुंधरा के साथ सांसद बेटा दुष्यंत सिंह, बहू निहारिक सिंह, पोता विनायक प्रताप सिंह और पोती मौजूद थे। खास बात यह है कि 9 मार्च को वसुंधरा का जन्मदिन भी था।
क्या हैं इस मुलाकात के मायने?
माना जा रहा है कि वसुंधरा को राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। वैसे भी चुनाव के बाद भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भाजपा पर सवाल उठते रहे हैं। क्योंकि शर्मा पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया था। इस फैसले के बाद वसुंधरा की नाराजगी भी सामने आई थी। हालांकि भजन लाल शर्मा के पक्ष में एक बात यह है कि उनका नाम किसी भी विवाद से नहीं जुड़ा है।
क्या मिलेगी कोई बड़ी जिम्मेदारी?
यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में होने वाले केन्द्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में वे अपने बेटे दुष्यंत को जगह दिलाना चाहती हैं। क्योंकि निकट भविष्य में केन्द्र में मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। हालांकि इसकी उम्मीद कम है। सिंधिया परिवार से पहले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया केन्द्र में मंत्री हैं। दरअसल, राजस्थान में भाजपा की पकड़ कमजोर हुई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सिर्फ 14 सीटें मिली थीं, जबकि 2019 में उसने सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे से भी राजस्थान के एक वर्ग में नाराजगी है। ऐसे में कोई आश्चर्य नहीं कि पार्टी अपनी खोई जमीन हासिल करने के लिए वसुंधरा को राज्य में कोई अहम जिम्मेदारी दे दे।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala