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पीएम मोदी बोले, भारत में समग्र विकास का माध्यम बना श्री अन्न
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि श्री अन्न' भी भारत में समग्र विकास का माध्यम बन रहा है, इसमे गांव भी जुड़ा है और गरीब भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि श्री अन्न यानी देश के छोटे किसानों के समृद्धि का द्वार, श्री अन्न यानी देश के करोड़ों लोगों के पोषण का कर्णधार, श्री अन्न यानी देश के आदिवासी समाज का सत्कार। श्री अन्न यानी कम पानी में ज्यादा फसल की पैदावार, श्री अन्न यानी केमिकल मुक्त खेती का बड़ा आधार, श्री अन्न यानी क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से निपटने में मददगार।
उन्होंने कहा कि श्री अन्न भारत के 12-13 राज्यों में प्रमुखता से उगता है। यहां प्रति व्यक्त घरेलू खपत प्रति माह 2-3 किलो से ज्यादा नहीं थी। अब यह बढ़कर 14 किलो प्रति माह हो गई।
पीएम मोदी ने कहा कि 'श्री अन्न' केवल खेती या खाने तक सीमित नहीं हैं, जो लोग भारत की परंपराओं से परिचित हैं, वह ये भी जानते हैं कि हमारे यहां किसी के आगे 'श्री' ऐसे ही नहीं जुड़ता है। जहां 'श्री' होती हैं वहां समृद्धि भी होती है और समग्रता भी होती है।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल मिलेट्स (श्री अन्न) कॉन्फ्रेंस जैसे आयोजन न सिर्फ Global Goods के लिए जरूरी हैं, बल्कि Global Goods में भारत की बढ़ती जिम्मेदारी का भी प्रतीक हैं।
PM Shri @narendramodi inaugurates Global Millets (Shree Anna) Conference in PUSA, New Delhi. https://t.co/EZ1ydNZqIF
— BJP (@BJP4India) March 18, 2023
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्लाइमेट रिसाइलेंट होना मिलेट्स की ताकत है। बहुत विपरित क्लाइमेट कंडिशंस में भी मिलेट्स का आसानी से उत्पादन हो जाता है। इसकी पैदावार में अपेक्षाकृत पानी भी कम लगता है, जिससे जल संकट वाली जगहों के लिए ये एक पसंदीदा फसल बन जाती है।
उन्होंने कहा कि चाहे LIFE मिशन की अगुवाई हो, जलवायु परिवर्तन से जुड़े लक्ष्यों को समय से पहले हासिल करना हो, हम अपनी विरासत से प्रेरणा लेते हैं, समाज में बदलाव को शुरू करते हैं और उसे विश्व कल्याण की भावना तक लेकर जाते हैं। यही आज भारत के 'मिलेट मूवमेंट' में भी दिख रहा है।
