सम्बंधित जानकारी
- हड़ताल पर कर्मचारी, यूपी में हाईकोर्ट ने कसा शिकंजा, महाराष्ट्र में सरकार की अपील बेअसर
- Weather Updates: बेमौसम बारिश ने बढ़ाई परेशानी, ओलों की मार से फसलें तबाह
- अब जीतनराम मांझी बोले, कर्मकांड में राम से ज्यादा पारंगत था रावण
- 2047 तक भारत को इस्लामिक देश बनाने की साजिश, PFI के खिलाफ NIA की चार्जशीट में हुआ खुलासा
- जनवरी 2024 में पहले ‘प्राण प्रतिष्ठा’ फिर श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा अयोध्या का राम मंदिर
अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में अमित शाह बोले- अगर किसी से गलती हुई है तो बख्शा नहीं जाना चाहिए
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष की अडाणी-हिंडनबर्ग मामले की जेपीसी जांच की मांग चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही मामले का संज्ञान लिया है और एक जांच समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी से गलती हुई है तो बख्शा नहीं जाना चाहिए।
अमित शाह ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2023 में कहा कि हमारी सरकार को इस मामले पर कोई भ्रम नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एक समिति का गठन किया है और लोगों को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। अगर किसी के पास सबूत है तो उसे सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के सामने पेश करना चाहिए।
मोदी तीसरी बार बनेंगे पीएम : पूर्व भाजपा अध्यक्ष शाह ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद तीन अहम मुद्दों जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सली समस्या का मोटे तौर पर समाधान कर दिया गया है। पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद किसी विदेशी ताकत ने देश के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं की।
उन्होंने कहा कि जनता तय करेगी कि कौन देश का अगला प्रधानमंत्री होगा। मैंने देश के सभी हिस्सों का दौरा किया है और महसूस किया है कि भाजपा अगली सरकार बनाएगी और मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
यह पूछे जाने पर कि 2024 के आम चुनावों में राजग को कितनी सीटें मिलेंगी शाह ने कहा कि यह 2019 से अधिक होगी। 2019 के आम चुनावों में भाजपा को 303 सीटें मिलीं थी और एनडीए ने कुल 543 लोकसभा क्षेत्रों में से 350 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी।
कैसे दूर होगा गतिरोध : अमित शाह ने कहा कि अगर विपक्ष बातचीत के लिए आता है तो संसद में मौजूदा गतिरोध को दूर किया जा सकता है और अगर विपक्ष दो कदम आगे बढ़ता है तो सरकार भी 'दो कदम आगे' बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दे राजनीति से ऊपर हैं और यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी विदेशी जमीन पर घरेलू राजनीति पर चर्चा करने से इनकार कर दिया था। दोनों पक्षों को अध्यक्ष के समक्ष बैठने दीजिए और चर्चा करने दीजिए। उन्हें दो कदम आगे आना चाहिए और हम दो कदम आगे बढ़ेंगे। इसके बाद संसद चलनी शुरू हो जाएगी। लेकिन आप सिर्फ संवाददाता सम्मेलन करें और कुछ न करें, यह ऐसे नहीं हो सकता।
Edited by : Nrapendra Gupta
