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Last Modified: गुरुवार, 5 मार्च 2026 (20:03 IST)

Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei क्या नपुंसक थे, WikiLeaks की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Mojtaba Khamenei iran new supreme leader
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। वे अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। अयातुल्लाह खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के हमले में मौत हो गई थी। मोजतबा खामेनेई को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार मोजतबा खामेनेई ने कथित रूप से नपुंसकता के इलाज के लिए ब्रिटेन में कई महीनों तक उपचार कराया था। यह दावा एक गुप्त अमेरिकी खुफिया दस्तावेज में किया गया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सत्ता ढांचे में मोजतबा खामेनेई लंबे समय से प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। 
 

WikiLeaks के दस्तावेज में क्या हुआ खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को ईरान के 88 धार्मिक नेताओं की सभा द्वारा देश का अगला सुप्रीम लीडर चुना गया। बताया जा रहा है कि इस फैसले में Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) का भी दबाव था। WikiLeaks द्वारा जारी एक दस्तावेज के मुताबिक 2008 में अमेरिकी विदेश विभाग ने लंदन स्थित अमेरिकी दूतावास को एक गोपनीय रिपोर्ट भेजी थी।  ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई पर परिवार की ओर से वारिस पैदा करने का दबाव था। इसी कारण उन्होंने ब्रिटेन की कई यात्राएं कीं, जिनमें अंतिम यात्रा लगभग दो महीने तक चली। मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। उनके बड़े भाई मोस्तफा खामेनेई भी एक धर्मगुरु हैं। 
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि धार्मिक विद्वता के मामले में मोजतबा खामेनेई को उतना मजबूत नहीं माना जाता। बताया गया कि उनके लिए उच्च धार्मिक पद मुझतहिद या आयतुल्लाह का दर्जा हासिल करना मुश्किल माना जाता रहा है।

लंदन के अस्पतालों में इलाज, एक बेटे का जन्म

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोजतबा खामेनेई ने लंदन के Wellington Hospital और Cromwell Hospital में इलाज कराया था।  बताया जाता है कि उपचार के बाद उनकी पत्नी गर्भवती हुईं और बाद में एक बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम अली रखा गया, जो उनके पिता के नाम पर रखा गया। ईरान की राजनीतिक व्यवस्था लंबे समय से वंशवादी शासन की आलोचना करती रही है। ऐसे में किसी नेता के बेटे का सुप्रीम लीडर बनना कई लोगों के लिए आश्चर्य की बात माना गया। Edited by : Sudhir Sharma
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