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बांग्लादेश के रास्ते पर नेपाल, भारत को क्यों होनी चाहिए चिंता?
Nepal Gen Z protest 2025 : बांग्लादेश के बाद नेपाल में भी पख्तापलट हो गया। जिस तरह शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद छोड़कर भारत भागना पड़ा था। उसी तर्ज पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी नेपाल छोड़कर दुबई भाग गए हैं। नेपाल में Gen Z आंदोलन की अगुवाई कर रहे बालेंद्र शाह और रवि लामिछानी को भारत विरोधी माना जाता है। ALSO READ: नेपाल में तख्तापलट के बाद कौन बनेगा पीएम? इन 3 नामों पर चर्चा तेज
नेताओं के खिलाफ क्यों भड़का आक्रोश : प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्रियों के साथ ही कई मंत्रियों के घर पर हमले किए। पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की पत्नी आरजू राणा को बंधक बना लिया तो पूर्व पीएम झाला नाथ खनल की पत्नी को जिंदा जला दिया। कहा जा रहा है कि ओली सरकार के भ्रष्टाचार, उनकी आम जनता के प्रति उदासीनता के साथ ही मंत्रियों के बच्चों की फिजूलखर्ची से भी वहां के लोग खासे नाराज है। इसके खिलाफ जेन जी ग्रुप सोशल मीडिया पर लंबे समय से आंदोलन चला रहा था।
आंदोलन ने सोशल मीडिया पर आकार लिया। इस वजह से इसमें नेतृत्व का अभाव है। इस वजह से इसका हश्र भी बांग्लादेश की तरह ही हो सकता है। कई लोगों को सत्ता में जगह मिल सकती है लेकिन बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को निराशा ही हाथ लगेगी। देश में फिलहाल लोकतंत्र है लेकिन यह आंदोलन से देश को एक बार फिर राजशाही की ओर ले जा सकता है।
नेताओं का पलायन : उपद्रवियों ने चुन चुनकर नेताओं को अपना निशाना बनाया। इस वजह से नेताओं में दहशत है। बड़ी संख्या में नेता देश छोड़कर भारत, चीन और दुबई में शरण ले सकते हैं। फिलहाल नेपाल में नए राजनीतिक नेतृत्व की संभावना बनती दिख रही है। ऐसे में पुराने नेताओं के लिए स्थिति प्रतिकूल नजर आ रही है।
भारत सतर्क : नेपाल में भड़की हिंसा के बाद उससे सटी भारत की सीमाओं पर सख्ती बढ़ा दी गई है। कांठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी वहां मौजूद भारतीयों को यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। बड़ी संख्या में भारतीय काठमांडू में फंसे हुए। सड़कों पर हंगामे को देखते हुए ये लोग होटलों में ही डटे हुए हैं। सोशल मीडिया पर नेपाल में भारतीयों से मारपीट के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने भारत और नेपाल के बीच उड़ाने रद्द कर दी है।
क्या बोले पीएम मोदी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नेपाल में स्थिरता, शांति और समृद्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नेपाल की घटनाएं बेहद दर्दनाक है। कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल की स्थिरता भारत के लिए जरूरी है। उन्होंने युवाओं से हिंसा छोड़ने की अपील की है। ALSO READ: नेपाल हिंसा पर आया PM मोदी का पहला बयान, Gen-Z के लिए कही यह बात
क्या होगा संबंधों पर असर : आंदोलन के नेता बनकर उभरे 2 प्रमुख चेहरे भारत विरोधी माने जाते हैं। इस वजह से नई सरकार से सामंजस्य बैठाने में भारत को समय लग सकता है। यह भी संभावना है कि नेपाल की नई सरकार भी बांग्लादेश की तर्ज की पर भारत विरोध का रास्ता चुने। नई सरकार कई दिशा में आगे बढ़ेगी यह फिलहाल साफ नहीं है ऐसे भारत को नेपाल से संबंधों में भी सतर्कता बरतनी होगी।
edited by : Nrapendra Gupta
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