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Last Updated :नई दिल्ली , बुधवार, 24 दिसंबर 2025 (23:14 IST)

अरावली पर्वतमाला पर नए खनन पट्टे देने पर प्रतिबंध, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पूरा क्षेत्र होगा संरक्षित

aravalli mountain range
अरावली पर चल रहे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया है। राज्यों को अरावली में किसी भी नए खनन पट्टे देने पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अरावली खनन विवाद की आंच सिर्फ राजस्थान तक ही सीमित नहीं रह गई थी। अब यह हरियाणा से लेकर दिल्ली तक इसका विरोध शुरू हो गया था।
केंद्रीय वन मंत्री एवं अलवर सांसद भूपेंद्र यादव ने अरावली पर्वतमाला पर सुप्रीम कोर्ट के आए निर्णय को लेकर स्थिति स्पष्ट की। साथ ही केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह की कोई छूट नहीं दी गई है और ना ही दी जाएगी।
अरावली की पहाड़ियां दिल्ली-एनसीआर से गुजरात तक फैली हैं। अवैध खनन होने के कारण अरावली पर्वत श्रृंखला को काफी नुकसान पहुंचा था। केंद्र सरकार ने अरावली पर्वत श्रृंखला में नए खनन पट्टों (Mining Leases) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पर्यावरण मंत्रालय ने अवैध खनन रोकने के लिए राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि इस फैसले पर सियासत गरमा गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बवाल
सुप्रीम कोर्ट के हालिया एक फैसले के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अरावली क्षेत्र में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को जंगल के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा।
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इस निर्णय का पर्यावरण विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने व्यापक विरोध किया है, जो सेव अरावली अभियान चला रहे हैं। फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया (FSI) ने अपनी रिपोर्ट में लगभग 10000 अरावली पहाड़ियों को पर्वतमाला का हिस्सा बताया था और खनन गतिविधियों पर रोक लगाने की सिफारिश की थी। Edited by : Sudhir Sharma