Weather Update: भारत में मानसून (monsoon) के मद्देनजर मौसम ने एक बार फिर से अपनी पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। देशभर के विभिन्न राज्यों में बारिश (Rain) का दौर जारी है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई क्षेत्रों में बाढ़ और लैंडस्लाइड (landslides) का खतरा मंडरा रहा है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में बीते 3 दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। मुंबई (Mumbai) के कई इलाकों में मंगलवार को बाढ़ जैसे हालात रहे। जगह-जगह पानी भर गया। रेल, बस, हवाई सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
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देश के अन्य राज्यों का मौसम : पंजाब में भी मौसम बदल चुका है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले 2 दिनों में बारिश कि संभावना है। पंजाब के कई गांव इस समय बाढ़ की मार झेल रहे है। उत्तरप्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है जिससे तापमान में वृद्धि और उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। दूसरी ओर बिहार के पश्चिमी चंपारण, अररिया और किशनगंज जिलों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इस कारण किसानों को फसल के नुकसान का खतरा है और ग्रामीण क्षेत्रों में लोग खुले में न रहने की सलाह दी गई है।
हिमाचल और उत्तराखंडमें लैंडस्लाइड का खतरा : हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू और देहरादून जैसे इलाकों में भारी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर यातायात प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की चेतावनी दी है और पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड में भी देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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स्काईमेट वेदर (skymetweather) के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर आंध्रप्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट पर बना डिप्रेशन आज बुधवार (20 अगस्त) तड़के गोपालपुर के पास दक्षिण ओडिशा तट को पार कर गया। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुज़रेगा और आज दोपहर तक यह एक गहरे दबाव के क्षेत्र में कमजोर पड़ जाएगा।
मानसून की अक्षांश रेखा (Monsoon Trough) इस समय नलिया, डीसा, भोपाल, बैतूल, रायपुर और डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजर रही है। उत्तर-पूर्व अरब सागर और गुजरात के पास चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण कोंकण से उत्तरी केरल तक ऑफशोर ट्रफ बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 3.1 किमी ऊंचाई पर 69° पूर्व देशांतर से 30° उत्तर अक्षांश के उत्तर की ओर एक ट्रफ के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में हुई मौसमी हलचल : पिछले 24 घंटे के दौरान कोंकण और गोवा में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई। विदर्भ में भारी बारिश हुई। तटीय कर्नाटक में मध्यम से भारी बारिश हुई थी। गुजरात, असम, दक्षिण मध्यप्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ीं।
केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, अंडमान-निकोबार, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, झारखंड, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, हरियाणा और गुजरात में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पूर्वी राजस्थान, उत्तर मध्यप्रदेश, पूर्वी यूपी, बिहार, रायलसीमा और लद्दाख में हल्की बारिश दर्ज की गई।
आज बुधवार के मौसम की संभावित गतिविधि : स्काईमेट वेदर (skymetweather) के अनुसार आज बुधवार, 20 अगस्त को कोंकण और गोवा में भारी से अति भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं। विदर्भ, दक्षिण छत्तीसगढ़, दक्षिण मध्यप्रदेश और गुजरात में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है।
अंडमान-निकोबार, झारखंड, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, आंतरिक कर्नाटक, केरल और आंध्रप्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तरप्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में हल्की बारिश के साथ 1-2 स्थानों पर मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, लद्दाख, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में हल्की बारिश संभव है।(Photo courtesy: IMD)
Edited by: Ravindra Gupta