लालू यादव ने कहा, BJP और RSS को जाति जनगणना कराने के लिए कर देंगे मजबूर, इनका क्या औकात है
Lalu Yadav on caste census: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद ने जाति जनगणना के मुद्दे पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार पर मंगलवार को सीधा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष उस पर इतना दबाव डालेगा कि उसे यह कराना पड़ेगा।
प्रसाद की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सोमवार को कहा था कि उसे विशेष समुदायों या जातियों के आंकड़े एकत्र करने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते इस जानकारी का उपयोग उनके कल्याण के लिए हो, ना कि राजनीतिक उद्देश्य के लिए। ALSO READ: लालू यादव ने मीसा भारती की बजाय अभय कुशवाहा को क्यों बनाया संसदीय दल का नेता
इनका क्या औकात : लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि इन आरआरएस/भाजपा वाला का कान पकड़, दंड बैठक करा इनसे जातिगत जनगणना कराएंगे। इनका क्या औकात है जो ये जातिगत जनगणना नहीं कराएंगे? इनको इतना मजबूर करेंगे कि इन्हें जातिगत जनगणना करना ही पड़ेगा। दलित, पिछड़ा, आदिवासी और गरीब का एकता दिखाने का समय अब आ चुका है। ALSO READ: कितनी अमीर हैं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य?
प्रसाद ने एक्स पर यह पोस्ट सिंगापुर में नियमित जांच के बाद पटना लौटने के बाद किया। प्रसाद का गुर्दा प्रतिरोपण ऑपरेशन दिसंबर 2022 में सिंगापुर में सफलतापूर्वक किया गया था। राजद ने राजद ने गत रविवार को पूरे राज्य में धरने आयोजित किए और बढ़े हुए आरक्षण को नौवीं अनुसूची में शामिल करने तथा देशव्यापी जाति जनगणना लागू करने की मांग की।
इन RSS/BJP वाला का कान पकड़, दंड बैठक करा इनसे जातिगत जनगणना कराएंगे।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) September 3, 2024
इनका क्या औक़ात है जो ये जातिगत जनगणना नहीं करायेंगे?
इनको इतना मजबूर करेंगे कि इन्हें जातिगत जनगणना करना ही पड़ेगा। दलित, पिछड़ा, आदिवासी और गरीब का एकता दिखाने का समय अब आ चुका है। #CasteCensus #reservation… pic.twitter.com/zNtLQyzEdJ
एनडीए सरकार आरक्षण के खिलाफ : पटना में राजद नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र और बिहार की राजग सरकारें जाति जनगणना और आरक्षण के खिलाफ हैं। यादव ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर बिहार में वंचित जातियों के लिए बढ़ाए गए आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने के मुद्दे पर संसद और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने जाति जनगणना की बात तो कही, लेकिन नसीहत भी दी। संघ ने कहा कि इसका उपयोग चुनावी उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala

