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Last Updated :नई दिल्ली , मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026 (09:17 IST)

नरवणे की किताब अभी रिलीज नहीं: पेंगुइन का बड़ा खुलासा, संसद में दिखाने पर उठा विवाद

General Naravane Book Controversy
Four Stars of Destiny controversy : पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने साफ किया कि जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी प्रकाशित नहीं हुई है। किसी भी PDF या कॉपी का प्रसार अवैध है। लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा किताब दिखाने के बाद विवाद और गहरा गया है।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन के इस बयान से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती है। उन्होंने संसद में यह किताब दिखाई थी। वे इसे संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट भी करना चाहते थे।
 
प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार उनके पास हैं, लेकिन यह किताब अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। न तो इसकी कोई छपी हुई प्रति और न ही डिजिटल संस्करण (ई-बुक, पीडीएफ आदि) बाजार में जारी किया गया है।
 
प्रकाशक ने कहा कि अगर किताब की कोई प्रति, पूरी या आंशिक, किसी भी रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी साफ किया कि किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ वे कानून के तहत उपलब्ध सभी कदम उठाएंगे।
 
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की पुस्तक के मामले में दिल्ली पुलिस ने विभिन्न ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार फोरम पर उपलब्ध जानकारी का संज्ञान लिया है, जिसमें दावा किया गया था कि किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) की प्रकाशन से पहले की प्रति प्रसारित की जा रही है। 

क्या कहा था राहुल गांधी ने?

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इसी पुस्तक के आधार पर लोकसभा में मामला उठाया था और चीन को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा था। राहुल ने यह भी कहा था कि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यह पुस्तक भेंट करना चाहते हैं। दरअसल, इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए संबंधित प्राधिकरणों से आवश्यक मंजूरी अभी प्राप्त नहीं हुई है। माना जा रहा है कि इसी आधार पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। 

पुस्तक को लेकर क्यों हैं विवाद

जनरल नरवणे की यह आत्मकथा 2020 के गलवान संघर्ष और लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध से जुड़े संवेदनशील विवरणों को शामिल करती है। पुस्तक 2024 से प्रकाशन के लिए लंबित है, क्योंकि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कुछ हिस्से हैं, जिन्हें मंजूरी की आवश्यकता है। 

किताब की पीडीएफ कई जगह उपलब्ध

जानकारी के मुताबिक इसी शीर्षक वाली एक टाइपसेट की हुई किताब की PDF कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है, जिसे कथित तौर पर पेंगुइन रेंडम हाउस द्वारा तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर किताब का तैयार कवर भी प्रदर्शित किया गया है। इसे इस तरह प्रदर्शित किया गया है, मानो यह पुस्तक खरीद के लिए उपलब्ध हो।
 
Edited by : Nrapendra Gupta
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