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Last Modified: नई दिल्ली , सोमवार, 24 नवंबर 2025 (19:19 IST)

क्‍या फिर पलटेगा मौसम, चक्रवाती तूफान का खतरा, इन राज्‍यों में IMD का अलर्ट

Cyclonic storm alert
Cyclonic storm News : देशभर में इन दिनों ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। इस बीच ऐसा लग रहा है कि मौसम एक बार फिर पलटेगा, क्‍यों‍कि मौसम विभाग ने एक बड़े खतरे का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तेजी से बदल सकता है। इस तूफान का नाम 'सेन्यार' रखा गया है। इसको लेकर IMD की ओर से चेतावनी जारी की गई है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। इन राज्यों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश और तूफानी हवाओं का जोखिम है।
खबरों के अनुसार, ऐसा लग रहा है कि मौसम एक बार फिर पलटेगा, क्‍यों‍कि मौसम विभाग ने एक बड़े खतरे का अलर्ट जारी किया है। अगले 48 घंटों में निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तेजी से बदल सकता है। इस तूफान का नाम 'सेन्यार' रखा गया है। इसको लेकर IMD की ओर से चेतावनी जारी की गई है।
इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। इन राज्यों में अगले 48  घंटों के दौरान भारी बारिश और तूफानी हवाओं का जोखिम है। यह निम्न दबाव का क्षेत्र अब साउथ-ईस्ट बंगाल की खाड़ी में पहुंच गया है। इसके अगले हफ्ते अधिक मजबूत होने की संभावना है। यह चक्रवाती तूफान 26 नवंबर 2025 को पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगा।

मौसम विभाग ने यह भी कहा कि फिलहाल यह बताना जल्दबाजी होगी कि साइक्लोन तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा या बांग्लादेश-ओडिशा की ओर नॉर्थ की तरफ मुड़ेगा। सिस्टम के चक्रवात में बदलने पर स्थिति साफ हो जाएगी।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 नवंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। तमिलनाडु, केरल में 25 नवंबर तक भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार को भारी बारिश भी हो सकती है। लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
हवा और समुद्री चेतावनी : तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 35-45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने और कुछ स्थानों पर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाओं के अनुमान के चलते मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान समुद्री क्षेत्रों में न जाएं। बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र में मछुआरों को सुबह तक तट पर लौटने की चेतावनी दी गई है।
Edited By : Chetan Gour
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