1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. Trump greenland warning increased tension in NATO
Last Modified: वॉशिंगटन/कोपेनहेगन , गुरुवार, 8 जनवरी 2026 (13:26 IST)

ट्रंप की ग्रीनलैंड 'कब्जे' की धमकी से NATO में हड़कंप: क्या टूटने की कगार पर है सैन्य गठबंधन?

trump
Trump Greenland News in hindi : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को हासिल करने की नई धमकियों ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली सैन्य गठबंधन 'नाटो' (NATO) के भीतर एक अभूतपूर्व संकट खड़ा कर दिया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ग्रीनलैंड को अपनी 'राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता' मानते हैं और इसके लिए सैन्य विकल्प समेत सभी रास्ते खुले हैं।
 
क्यों बढ़ा तनाव?
सैन्य कार्रवाई की चेतावनी: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि "अमेरिकी सेना का उपयोग हमेशा एक विकल्प रहता है।"
डेनमार्क का सख्त जवाब: प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका अपने ही सहयोगी पर हमला करता है, तो यह NATO का अंत होगा।
रणनीतिक महत्व: आर्कटिक में रूस और चीन की बढ़ती ताकत को रोकने के लिए ट्रंप ग्रीनलैंड पर पूर्ण नियंत्रण चाहते हैं।
 
"ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है" : डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सरकारों ने ट्रंप के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रीनलैंड की प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नील्सेन ने इन टिप्पणियों को "अपमानजनक" बताते हुए कहा कि द्वीप के लोग अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेंगे।
 
यूरोपीय देशों ने संभाला मोर्चा
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन सहित प्रमुख यूरोपीय शक्तियों ने डेनमार्क के समर्थन में एक संयुक्त बयान जारी किया है। उनका मानना है कि:
-एक सहयोगी देश की संप्रभुता का उल्लंघन NATO के मूल सिद्धांतों (Article 5) के खिलाफ है।
-द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है।
-आर्कटिक की सुरक्षा सामूहिक सहयोग से होनी चाहिए, न कि जबरन कब्जे से।

वहीं डेनमार्क की पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन ने साफ कहा कि अगर अमेरिका किसी नाटो सहयोगी पर हमला करता है, तो सब कुछ खत्म हो जाएगा।
 
क्या वाकई युद्ध जैसी स्थिति है? विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह रणनीति 'द आर्ट ऑफ द डील' का हिस्सा हो सकती है, लेकिन वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी सैन्य गतिविधियों ने यूरोपीय देशों को डरा दिया है। हालांकि विदेश मंत्री मार्को रूबियो कूटनीति और खरीदारी की बात कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप के तेवर कड़े बने हुए हैं।
 
आगे क्या होगा? आने वाले दिनों में ब्रुसेल्स में NATO की आपातकालीन बैठक हो सकती है। क्या अमेरिका कूटनीतिक दबाव के आगे झुकेगा या यह विवाद ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में हमेशा के लिए दरार पैदा कर देगा?
ये भी पढ़ें
Indore Water Contamination : भागीरथपुरा भूल जाइए, पूरा ‘स्‍वच्‍छ’ इंदौर ही दूषित है सरकार