मेरठ में दबंगों ने युवती को अगवा किया, विरोध करने पर मां को चाकू मारा
मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में दबंगों द्वारा अनुसूचित जाति की महिला पर किए गए जानलेवा हमले में महिला की मौत हो गई। आरोप है कि दबंग युवती का अपहरण कर ले गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और गांव में पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
घटना गुरुवार सुबह की है। मृतका के बेटे द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, उसकी मां सुनीता अपनी बेटी के साथ खेतों में गन्ना छीलने जा रही थी। जैसे ही वे रजवाहे के नए पुल के पास पहुंचीं, गांव के ही कजही पारस सोम और सुनील बाइक से वहां पहुंचे और युवती से बातचीत करने लगे। इसके बाद आरोपियों ने युवती को जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया।
मां सुनीता ने इसका विरोध किया और बेटी के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गई। आरोप है कि दबंगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सुनीता पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया और युवती का अपहरण कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल सुनीता को एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और युवती की बरामदगी के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन और आजाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। इस दौरान एंबुलेंस में तोड़फोड़ भी की गई। ग्रामीणों की मांग है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो, उनके घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
स्थिति बिगड़ती देख एसपी देहात, सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
इस घटना ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना की निंदा करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं दलित संगठनों ने इसे दलित उत्पीड़न का मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।