अग्निपथ पर गरमाई सियासत, खरगे का पीएम मोदी पर पलटवार
- अग्निपथ योजना को लेकर पीएम मोदी ने साधा था विपक्ष पर निशाना
- खरगे ने प्रधानमंत्री पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
- अग्निपथ योजना तत्काल निरस्त करने की मांग की
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय बात है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी करगिल विजय दिवस के दिन शहीदों को श्रद्धांजलि जैसे मौक़े पर भी ओछी राजनीति कर रहें हैं। ऐसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया।
उन्होंने दावा किया कि मोदी का यह कहना सरासर झूठ और पराक्रमी सेना का अक्षम्य अपमान है कि सेना के कहने पर उनकी सरकार ने अग्निपथ योजना लागू की थी। प्रधानमंत्री मोदी साफ-साफ झूठ और भ्रम फैला रहे हैं।
ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय बात है कि प्रधानमंत्री @narendramodi जी कारगिल विजय दिवस के दिन शहीदों को श्रद्धांजलि जैसे मौक़े पर भी ओछी राजनीति कर रहें हैं।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 26, 2024
ऐसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया।
मोदी जी कह रहे हैं कि सेना के कहने पर उनकी सरकार ने अग्निपथ योजना लागू की…
खरगे के मुताबिक, पूर्व सेनाध्यक्ष (सेवानिवृत्त) जनरल एमएम नरवणे जी ने रिकॉर्ड पर कहा है कि अग्निपथ योजना में 4 वर्षों की सेवा के बाद 75 प्रतिशत लोगों को रखना था और 25 प्रतिशत लोगों को सेवानिवृत्त करना था। पर मोदी सरकार ने इससे उल्टा किया। ये योजना तीनों सैन्य बलों में जबरदस्ती लागू कर दी।
उन्होंने कहा कि खबरों के मुताबिक, पूर्व सेनाध्यक्ष (सेवानिवृत्त) जनरल एमएम नरवणे जी ने उस किताब में, जिसे मोदी सरकार ने प्रकाशित होने से रोक रखा है, ये भी कहा है कि अग्निपथ योजना सेना के लिए चौंका देने वाली थी, और नौसेना व वायुसेना के लिए ये वज्रपात की तरह थी।
खरगे ने कहा कि आखिर 6 महीनों के प्रशिक्षण के बाद मोदी जी किस स्तर के सैनिकों का निर्माण कर रहे हैं। ना उन्हें किसी ऑपरेशन का अनुभव होगा ना ही उनमें परिपक्वता होगी। सैनिक देशभक्ति के जज्बे से सेना में शामिल होते हैं, जीविकोपार्जन के लिए नहीं। ALSO READ: कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी बोले, पाकिस्तान ने इतिहास से कोई सबक नहीं सीखा
उनके अनुसार, कई सेवानिवृत्त अधिकारियों ने इस योजना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा और ग्रामीण युवाओं की देशभक्ति की भावनाओं से खिलवाड़ की तरह है और इसलिए इस योजना को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
खरगे ने दावा किया कि अग्निवीर को कोई पेंशन नहीं मिलती, कोई ग्रैच्यूटी नहीं मिलती, परिवार को पेंशन नहीं मिलती और बच्चों की पढ़ाई के लिए कोई शिक्षा भत्ता नहीं मिलता। अब तक 15 अग्निवीर शहीद हो चुके हैं। प्रधानमंत्री जी को कम से कम उनकी शहादत का तो मान रखना चाहिए। देश के युवाओं में अग्निवीर को लेकर बहुत ज़्यादा गुस्सा है, कड़ा विरोध है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अग्निपथ योजना को सेना द्वारा किए गए आवश्यक सुधारों का एक उदाहरण बताया और विपक्ष पर सशस्त्र बलों में औसत आयु वर्ग को युवा रखने के उद्देश्य से शुरू की गई इस भर्ती प्रक्रिया पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
मोदी ने करगिल युद्ध में जीत की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित करगिल विजय दिवस पर अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि पेंशन के पैसे बचाने के लिए अग्निपथ योजना शुरू की गई थी।
Edited by : Nrapendra Gupta

