संदीप घोष पर CBI ने कसा शिकंजा, पॉलीग्राफ टेस्ट के बाद 15 स्थानों पर रेड
Kolkata sandeep ghosh news : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के कार्यकाल के दौरान संस्थान में हुई वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में कोलकाता स्थित उनके परिसरों पर रविवार को छापेमारी की। केंद्रीय जांच एजेंसी आरोपी और उनके सहयोगियों के ठिकानों सहित कोलकाता में 14 अन्य स्थानों पर भी छापे मार रही है। ALSO READ: कविता सरकार क्यों लड़ रही हैं कोलकाता डॉक्टर रेप मर्डर केस के आरोपी संजय रॉय का केस?
सीबीआई ने आरजी कर में फोरेंसिक मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. देबाशीष सोम और अस्पताल के पूर्व एमएसवीपी संजय वशिष्ठ के घर भी छापेमारी की। मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ हुई दिल दहला देने वाली वारदात के बाद संदीप ने देबाशीष से ही सबसे ज्यादा बात की थी।
इससे पहले सीबीआई ने शनिवार को संदीप घोष समेत 7 लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। संदीप घोष शुरू से शक के घेरे में है, टेस्ट में उनसे करीब 25 सवाल पूछे गए। सीबीआई अब तक उससे 100 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ कर चुकी है। उसके खिलाफ वित्तिय अनियमितता के मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।#WATCH | Kolkata, West Bengal: CBI Anti Corruption Branch reached RG Kar Medical College and hospital former principal Sandip Ghosh's residence.
— ANI (@ANI) August 25, 2024
CBI started a corruption investigation against Sandeep Ghosh by filing an FIR, yesterday. pic.twitter.com/5javxphaB8
आरजी कर मेडिकल कॉलेज 9 अगस्त को इसके सम्मेलन कक्ष में एक परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के बाद से सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है। ALSO READ: 30 साल में ऐसी लापरवाही नहीं देखी, पुलिस की भूमिका पर भी संदेह, कोलकाता रेप-मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा
कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई ने हत्या के साथ-साथ कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले की भी जांच कर रही हैं।
अस्पताल के पास लागू निषेधाज्ञा की अवधि बढ़ी : कोलकाता पुलिस ने सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निकट लागू निषेधाज्ञा की अवधि को एक और सप्ताह के लिए यानी 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। निषेधाज्ञा पहली बार 18 अगस्त को लागू की गई थी, जिसके तहत निर्दिष्ट क्षेत्र में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है।
निषेधाज्ञा की अवधि बढ़ाए जाने का उद्देश्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार के उपद्रव को रोकना और शांति एवं व्यवस्था बनाए रखना है। यह निर्णय अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के मद्देनजर लिया गया है। आदेश में कहा गया है कि इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 के तहत दंडित किया जाएगा।
Edited by : Nrapendra Gupta

