राहुल गांधी भी औरों की तरह ही इंसान हैं। वे कोई बेजान मूरत नहीं हैं जिसके अपने कोई जज़्बात न हों, अहसासात न हों, ख़्वाहिशात न हों। उनके भी अपने सुख-दु:ख हैं। उन्हें भी ज़िंदगी जीने का पूरा हक़ है, ख़ुश रहने का हक़ है। जब इंसान परेशान होता...