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मकर संक्रांति 2020 : इस बार 15 जनवरी को क्यों मनाएं मकर संक्रांति का पर्व

Updated: मंगलवार, 14 जनवरी 2020 (13:10 IST)
नववर्ष 2020 में मकर-संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। सूर्य के राशि परिवर्तन अर्थात गोचर को शास्त्रानुसार संक्रांति कहा जाता है। सूर्य का यह गोचर प्रतिमाह होता है, जब गोचरवश सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। 
 
विक्रम संवत 2076, ईसवी वर्ष 2020 में सूर्य 14-15 जनवरी की मध्य रात्रि 1 बजकर 55 मि. दिन बुधवार को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। अत: वर्ष 2020 में मकर-संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 
 
इसका विशेष पुण्यकाल दिन में 4 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
 
वाहन/वस्त्रादि- इस वर्ष मकर-संक्रांति का वाहन खर (गर्दभ) होगा तथा उपवाहन मेष होगा। इस वर्ष मकर-संक्रांति श्वेतवस्त्र व भूर्जपत्र कंचुकी, केतकी पुष्प व प्रवाल भूषण धारण किए हुए दण्डायुध व कांस्यपात्र हाथ में लिए पकवान् भक्षण करते हुए पश्चिम दिशा की ओर जाति हुई होगी। 
 
इस वर्ष संक्रान्ति मृतिका लेपन किए हुए व पक्षी जाति की होगी। इसके फ़लस्वरूप मंहगाई में वृद्धि होगी। तेल की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी होगी। युद्ध की आशंका से तनाव होगा। राजनीतिक उथलपुथल होगी।
 
शंका समाधान- कुछ पंचांग एवं विद्वानों के अनुसार मकर-संक्रांति पर्व 14 जनवरी को होना बताया जा रहा है जिससे जनसामान्य में भ्रम की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए हम यहां कुछ तथ्य स्पष्ट कर रहे हैं जिससे जनमानस को मकर-संक्रांति पर्व का निर्णय लेने में सुगमता होगी।
 
सूर्योदयकालीन तिथि की ग्राह्यता-
हमारे शास्त्रों में जिन व्रतों व पर्वों में दिन में पूजा, व्रत, स्नान व अनुष्ठान होता है उनमें सदैव सूर्योदयकालीन तिथि ही ग्राह्य होती है। 14 व 15 जनवरी को पंचांग अनुसार सूर्योदय का समय 7 बजकर 31 मि. पर है। जबकि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की मध्यरात्रि 1 बजकर 55 मि. पर होगा। अत: सूर्योदय के समय सूर्य मकर राशि में 15 जनवरी को होंगे।
 
14 जनवरी की मान्यता क्यों?
पंचांग के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की मध्यरात्रि 1 बजकर 55 मि. पर होगा। इस आधार ईसवी कैलेंडर के अनुसार रात्रि 12 बजे से 15 जनवरी होगी किन्तु ज्योतिष शास्त्र व पंचांग की गणना सूर्योदय से अगले सूर्योदय 1 दिन (अहोरात्र) की होती है। अत: पंचांग के सिद्धांत अनुसार 14 जनवरी को प्रात: 7 बजकर 31 (सूर्योदयकाल) से 15 जनवरी को 7 बजकर 31 मि. (सूर्योदय) काल तक एक ही दिन माना जाएगा एवं 15 जनवरी को सूर्योदयकालीन सूर्य के मकर राशिगत होने से पंचांग अनुसार 14 जनवरी को अहोरात्र की संज्ञा देते हुए कुछ पंचांग व विद्वान 14 जनवरी को मकर-संक्रांति होने का निर्णय दे रहे हैं जो मूलत: पंचांग आधारित है, ईसवी कैलेंडर के अनुसार मकर-संक्रांति का पर्व 15 जनवरी 2020 को ही मनाया जाना शास्त्रसम्मत है।
 
12 राशियों का मकर-संक्रांति फ़ल-
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1. मेष- ज्ञान प्राप्ति
2. वृष- कलह व मानसिक चिंता
3. मिथुन-लाभ
4. कर्क- शान्ति व संतोष प्राप्ति
5. सिंह- धनलाभ
6. कन्या-हानि
7. तुला-लाभ व समृद्धि
8. वृश्चिक- इष्ट सिद्धि की प्राप्ति
9. धनु- धर्मलाभ
10. मकर- कष्ट
11. कुंभ-यश प्राप्ति
12. मीन-भय व हानि
 
 
 
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

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