सम्बंधित जानकारी
- Mahabharat 13 May Episode 93-94 : भीम को मारने की कोशिश और पितामह भीष्म की मौत
- Mahabharat 12 May Episode 91-92 : दुर्योधन वध, अश्वत्थामा का प्रतिकार और श्रीकृष्ण का चमत्कार
- Mahabharat 11 May Episode 89-90 : जब खुला दुर्योधन और पांडवों के समक्ष कर्ण का राज
- Mahabharat 10 May Episode 87-88 : जब कर्ण करने ही वाला था अर्जुन का वध, दु:शासन वध
- Corona के खिलाफ जंग में UP पुलिस की अनोखी मुहिम
kurukshetra war camps | महाभारत युद्ध में दोनों पक्षों के कुरुक्षेत्र में शिविर कहां लगे थे?
महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र के विशालकाय मैदान में कौरव और पांडवों की सेना के शिविर कहां कहां लगे थे यह शोध का विषय हो सकता है। फिर भी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी यहां प्रस्तुत है।
महाभारत युद्ध से पूर्व पांडवों ने अपनी सेना का पड़ाव कुरुक्षेत्र के पश्चिमी क्षेत्र में सरस्वती नदी के दक्षिणी तट पर बसे समंत्र पंचक तीर्थ के पास हिरण्यवती नदी (सरस्वती नदी की सहायक नदी) के तट पर डाला। कौरवों ने कुरुक्षेत्र के पूर्वी भाग में वहां से कुछ योजन की दूरी पर एक समतल मैदान में अपना पड़ाव डाला।
दोनों ओर के शिविरों में सैनिकों के भोजन और घायलों के इलाज की उत्तम व्यवस्था थी। हाथी, घोड़े और रथों की अलग व्यवस्था थी। हजारों शिविरों में से प्रत्येक शिविर में प्रचुर मात्रा में खाद्य सामग्री, अस्त्र-शस्त्र, यंत्र और कई वैद्य और शिल्पी वेतन देकर रखे गए।
दोनों सेनाओं के बीच में युद्ध के लिए 5 योजन (1 योजन= 8 किमी की परिधि, विष्णु पुराण के अनुसार 4 कोस या कोश= 1 योजन= 13 किमी से 16 किमी)= 40 किमी का घेरा छोड़ दिया गया था।
