सम्बंधित जानकारी
- Kuno National Park: कूनो में कम हुआ चीतों का कुनबा, 2 और शावकों की मौत
- कूनो में एक और चीते की मौत, जन्म लेने के 2 महीने के अंदर शावक की मौत, 4 तक पहुंचा आंकड़ा
- सुप्रीम कोर्ट ने चीतों की मौतों पर जताई चिंता, केंद्र से उन्हें राजस्थान भेजने पर विचार करने को कहा
- कूनो नेशनल पार्क में 40 दिन में तीसरे चीते की मौत, बाड़े में 24 घंटे की मॉनिटरिंग फिर भी 'दक्षा' की हो गई मौत!
- Kuno National Park : दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता 'दक्षा' की मौत, 2 महीने में हुई तीसरे चीते की मौत
कूनों में दो और शावक चीतों की मौत, 3 दिन में 3 चीता शावक ने तोड़ा दम, एक की हालत गंभीर
भोपाल। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दो और शावक चीतों की मौत हो गई है। बीते तीन दिनों में चीते के 3 शावकों की मौत के प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए है। 24 मार्च को मादा चीता ज्वाला ने जिन 4 शावकों को जन्म दिया था उसमें से अब 3 शावकों की मौत हो चुकी है और एक अन्य शावक की हालत काफी गंभीर है।
कूनो नेशनल पार्क के मुताबिक दिन के समय चीता ज्वाला को सप्लीमेंट फूड दिया गया,जिसमें दोपहर की निगरानी के बाद तीन शावक की स्थिति सामान्य नहीं लगी। प्रबंधन के मुताबिक 23 मई को कूनो में तापमान 46 से 46 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था और दिन में अत्यधिक गर्म हवा और लू चलती रही। जिसके बाद तीनों शावकों की असमान्य स्थिति एवं गर्मी को देखते हुए तीनों शावकों का रेस्क्यू कर इलाज शुरु किया गया। जिसमें 2 शावकों की स्थिति अत्यधिक खराब होने के चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका। वहीं एक अन्य शावक को गंभीर हालत में पालपुर हॉस्पिटल में रखा गया है,जहां उसका इलाज जारी है।
कूनो प्रबंधन का दावा है कि माता चीता ज्वाला वर्तमान में स्वस्थ है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। जबकि सभी चीता शावक कमजोर, सामान्य से कम वजन और अत्यधिक डिहाइडेटेड थे।
इससे पहले कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता साशा,उदय और दक्षा की मौत हो गई थी। साशा की मौत का कारण किडनी खराब होने बताया गया था वहीं दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता दक्षा की मौत का कारण आपसी संघर्ष में घायल होना बताया गया था। वर्तमान में श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 17 चीतों के साथ 1 शावक है।
