चुनावी सभा में कोरोना गाइडलाइन पर हाईकोर्ट सख्त,केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कमलनाथ पर FIR के आदेश

चुनावी सभाओं को लेकर ग्वालियर खंडपीठ ने दिखाए सख्त तेवर

gwalior high court
Author विकास सिंह| Last Updated: बुधवार, 21 अक्टूबर 2020 (18:43 IST)
भोपाल। कोरोनाकाल में हो रहे मध्यप्रदेश के उपचुनाव में राजनीतिक रैलियों में कोरोना गाइडलाइंस की खुलकर धज्जियां उड़ाए जाने के बाद अब जबलपुर हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सख्त तेवर दिखाए हैं। हाईकोर्ट ने कोरोना गाइडलाइंस का उल्लंघन करने पर केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री करने के आदेश दिए है। पिछले दिनों में ग्वालियर में हुई नरेंद्र सिंह तोमर की चुनावी रैली और भांडेर में कमलनाथ की हुई रैली में कोरोना गाइडलाइंस की खुलकर धज्जियां उड़ाए जाने को लेकर कोर्ट ने यह निर्देश दिए है।

चुनावी रैलियों को लेकर निर्देश- इसके साथ ही हाईकोर्ट की डबल बेंच ने बिना चुनाव आयोग की मंजूरी और मास्क और सैनेटाइजर की व्यवस्था के बड़ी चुनावी रैली करने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए याचिकाकर्ता के वकील सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कोर्टने नौ जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी फिजिकल मींटिग की परमिशन नहीं दी जाए केवल वर्चुअल मीटिंग की अनुमति दी जाए।
Kamalnath
इसके साथ ही अगर कलेक्टर किसी चुनावी मीटिंग के लिए परमिशन देंगे तो उसके लिए उम्मीदवार को कलेक्टर को बताना होगा कि क्यों वर्चुअल मीटिंग नहीं की जा सकती। इसके साथ ही कलेक्टर चुनावी सभा के लिए लिखित आदेश जारी करेगा और उसको अप्रूवल के लिए पहले चुनाव आयोग के पास भेजा जाएगा। इसके साथ ही उम्मीदवारों को सभा में आने वाले सभी लोगों को मास्क और सैनेटाइजर देना अनिवार्य होगा और इसके लिए उम्मीदवारों को कलेक्टर को एफिडिवेट देना होगा।




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