भाजपा नेता रघुनंदन शर्मा का शर्मनाक बयान, आपराधिक मानसिकता के व्यक्ति थे करकरे

भोपाल| पुनः संशोधित गुरुवार, 2 मई 2019 (08:54 IST)
भोपाल। शहीद हेमंत करकरे पर भाजपा नेताओं के विवादास्पद बयानों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। साध्वी प्रज्ञा के आपत्तिजनक बयान से शुरू हुआ सिलसिला सुमित्रा महाजन से होते हुए रघुनंदन शर्मा तक आ पहुंचा है।
पूर्व भाजपा सांसद और नेता रघुनंदन शर्मा ने एक शर्मनाक बयान देते हुए मुंबई एटीएस के चीफ रहे शहीद हेमंत करकरे को आपराधिक मानसिकता का व्यक्ति बताया है।

भोपाल संसदीय सीट से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने हेमंत करकरे पर विवादित बयान दिया था और इसपर विवाद खड़ा होने के बाद उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था। चुनाव आयोग ने इस मामले में सख्‍त कार्रवाई करते हुए उन पर 72 घंटों के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है।
प्रज्ञा ठाकुर के इसी बयान के बारे में बात करते हुए रघुनंदन शर्मा ने बुधवार को कहा कि यह सही है कि हेमंत करकरे अपना कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गया, इसमें कोई दो मत नहीं लेकिन कर्तव्य पर रहते हुए जो जुल्म किया, उस जुल्म का तो वह अपराधी है। कर्तव्य निभाते हुए वह शहीद हुआ तो कर्तव्य निभाते हुए आपराधिक मानसिकता सामने प्रकट हुई है।

उन्होंने कहा कि करकरे ने एक महिला-साध्वी को अमानवीय और बर्बर कष्ट दिया, जिससे सारा हिंदू समाज उद्वेलित था। इसमें छुपी हुई बात कौन-सी है। अगर ऐसे शब्द प्रकट होते हैं तो कांग्रेस उसे मुद्दा बनाती है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बाद लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर से वर्तमान सांसद सुमित्रा महाजन ने मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के प्रमुख के रूप में करकरे की भूमिका संदेह से परे नहीं थी।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में आतंकवादियों ने हमला किया था। इन आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए हेमंत करकरे शहीद हुए थे।

 

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