लोकसभा चुनाव 2019 : अमित शाह का दावा, भाजपा 55 से अधिक नई लोकसभा सीटें जीतेगी

Last Updated: शुक्रवार, 10 मई 2019 (20:50 IST)
नई दिल्ली। इस बार के लोकसभा चुनाव में 2014 की तुलना में भाजपा की सीटें बढ़ने का विश्वास जताते हुए पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी 55 से अधिक नई सीटें जीतेगी और ये बढ़त राष्ट्रीय सुरक्षा पर पार्टी के ध्यान केंद्रित करने तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशभर में स्वीकार्यता के कारण होगी।
शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आलोचना करने पर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तथा उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि वे जितनी भी कोशिश कर लें, अपने अतीत से पीछा नहीं छुड़ा सकते।

ने एक में इस बार के चुनाव के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की, जहां बंटा हुआ विपक्ष भाजपा नीत राजग के खिलाफ मुकाबले में है और जहां सत्तारूढ़ गठबंधन राष्ट्रवाद तथा विकास के मुद्दों पर फिर से सत्ता पर काबिज होने की उम्मीद कर रहा है।
भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया था और 543 सीटों में से वह 282 पर जीती थी। इस बार भी अपने दम पर बहुमत प्राप्त करने का विश्वास जताते हुए 54 वर्षीय शाह ने कहा कि वे तटीय और पूर्वी राज्यों तक भाजपा का आधार बढ़ाने की अपनी योजना में सफल रहे हैं, जहां पार्टी परंपरागत रूप से कमजोर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल में 23 से अधिक सीटें जीतेगी, वहीं ओडिशा में 13 से 15 तक सीटों पर विजय प्राप्त करेगी। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा इन दोनों राज्यों में क्रमश: 2 और 1 सीट ही जीत पाई। भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद शाह ने देशभर में 120 सीटें ऐसी चिह्नित की थीं जिन पर जीत की संभावना अधिक है। 2014 में इन सीटों पर पार्टी हार गई थी।
शाह ने कहा कि भाजपा इनमें से 55 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगी। 2014 के चुनाव की तरह ही क्या इस बार भी पार्टी उत्तर और पश्चिम भारत में अन्य दलों का लगभग सूपड़ा साफ कर पाएगी? इस प्रश्न के उत्तर में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ सीटें इधर-उधर जा सकती हैं लेकिन पार्टी को कुल मिलाकर बहुमत मिलेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बयान के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की पृष्ठभूमि में शाह ने कहा कि उनकी या जवाहरलाल नेहरू की आलोचना क्यों नहीं हो सकती। केवल इसलिए क्योंकि वे गांधी परिवार से हैं।
शाह ने कहा कि क्या बोफोर्स घोटाला उनके (राजीव गांधी के) समय नहीं हुआ था? क्या भोपाल गैस त्रासदी का आरोपी उनके समय नहीं भागा था? इन मुद्दों पर बहस क्यों नहीं होनी चाहिए? राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जितनी कोशिश कर लें, अपने अतीत से पीछा नहीं छुड़ा सकते। प्रधानमंत्री मोदी ने 1 सभा में राजीव गांधी को 'भ्रष्टाचारी नंबर 1' की संज्ञा दी थी।

भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी के इस दावे के लिए भी उन पर चुटकी ली कि मोदी को अपना बोरिया-बिस्तर बांध लेना चाहिए। शाह ने कहा कि 23 मई आने दीजिए और तब देखेंगे कि कौन बोरिया-बिस्तर बांधता है? 7 चरणों में चल रहे लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण 19 मई को संपन्न होगा और मतगणना 1 साथ 23 मई को होगी।
भाजपा के चुनाव प्रचार में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाए जाने के संदर्भ में शाह ने कहा कि उनकी पार्टी की स्थापना के समय से ही राष्ट्रवाद उसकी प्रेरणा के रूप में रहा है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद जनता मोदी के नेतृत्व में सुरक्षित तथा गौरवान्वित महसूस कर रही है। पाकिस्तान आतंकवाद के माध्यम से 1990 से भारत के खिलाफ छद्मयुद्ध छेड़ रहा है लेकिन भारत इससे निपटने में थोड़ा नरम रहा।
शाह ने कहा कि 2014 के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद लोग अब सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस करते हैं। वे इस मुद्दे पर चट्टान की तरह मोदी सरकार के साथ खड़े हैं। चुनाव में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे से भाजपा को किस तरह की मदद मिल रही है? इस प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे पार्टी को लाभ हो रहा है और वास्तविक प्रभाव का आकलन राजनीतिक पंडित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा चुनावी हार-जीत के विषय नहीं हैं बल्कि आस्था के विषय हैं। शाह ने विपक्ष की इन आलोचनाओं को खारिज कर दिया कि भाजपा सशस्त्र बलों की बहादुरी का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोगों के सामने अपनी सरकार के काम को रखा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने फैसला लिया और सशस्त्र बलों ने कार्रवाई की। क्या भाजपा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक जैसे क्षेत्रीय क्षत्रपों को चुनाव के बाद संभावित गठबंधन सहयोगी के तौर पर देखती है? इस पर शाह ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में उनका स्वागत है लेकिन भाजपा को अपने दम पर ही बहुमत मिल जाएगा।

लोकसभा चुनाव के 5 चरण संपन्न हो चुके हैं और अमित शाह ने अपने इस दावे को दोहराया कि भाजपा उत्तरप्रदेश में 73 से ज्यादा सीटें जीतेगी, जो उसने 2014 में अपने सहयोगी अपना दल के साथ मिलकर जीती थीं। उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन के पक्ष में मजबूत सामाजिक गणित की संभावना के प्रश्न पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आप लोग गणित देखिए। मैं लोगों की भावनाओं को देखता हूं और वे पूरी तरह मोदी के साथ हैं।
जब भाजपा अध्यक्ष से पूछा गया कि जनता के बीच सबसे ज्यादा कौन सा मुद्दा चर्चा में है? तो उन्होंने कहा कि कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भिन्न-भिन्न मुद्दे हैं लेकिन हर जगह जनता मोदी के नाम पर वोट डाल रही है। शाह ने कहा कि 50 करोड़ से अधिक लोग मानते हैं कि पहली बार देश में ऐसा प्रधानमंत्री है, जो उनके बारे में सोचता है और जिसने उनकी जीवनशैली को उन्नत बनाया है।

उन्होंने कहा कि वे लोग यह भी मानते हैं कि मोदी ने देश को सुरक्षित बनाया है और लगातार 5 साल तक देश की अर्थव्यवस्था को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाए रखा है। 3 दशक में पहली बार विपक्ष के प्रचार अभियान में महंगाई कोई मुद्दा नहीं है और इसका श्रेय मोदी सरकार को जाता है जिसने महंगाई को काबू में रखा है।

 

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