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भगवान शिव के 12 अनमोल वचन

सोमवार,जुलाई 13, 2020
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सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है।भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा ...
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एक बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को एक अत्यंत तेजोमय 'चिंतामणि' प्रदान की। चंद्रसेन ने इसे गले में धारण किया तो उसका प्रभामंडल तो जगमगा ही उठा, साथ ही दूरस्थ देशों में उसकी यश-कीर्ति बढ़ने लगी।
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आंखों के सामने इस समय बस दो ही दृश्य हैं: पहला तो उज्जैन स्थित महाकाल के प्रांगण का है। उस प्रांगण का जो पवित्र क्षिप्रा के तट पर बस हुआ है और उस शहर में समाए हुए हैं जो सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी रहा है। जहां भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों ...
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यदि जन्मपत्रिका नहीं हो तथा जीवन में निम्नलिखित समस्याओं में से कोई एक भी हो तो वे अपने आपको कालसर्प दोष से पीड़ित समझें तथा नागपंचमी के दिन उपाय करें।
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ऑनलाइन शिक्षा पर हर कहीं जबरदस्त असमंजस के बीच अपने-अपने तर्कों और सुझावों का राग अलापा जा रहा है!
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सोमवार का स्वामी चंद्रमा है। चंद्रमा भगवान शिव की जटा व मस्तिष्क में विराजमान है इसलिए भगवान शिव को 'सोमनाथ' भी कहा जाता है। इसके अलावा चतुर्दशी का स्वामी भी चंद्रमा ही है। चंद्रमा मन का भी कारक है इसलिए मन से शिव की पूजा करनी चाहिए।
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एक समय श्री महादेवजी पार्वती के साथ भ्रमण करते हुए मृत्युलोक में अमरावती नगरी में आए। वहां के राजा ने शिव मंदिर बनवाया था, जो कि अत्यंत भव्य एवं रमणीक तथा मन को शांति पहुंचाने वाला था। भ्रमण करते सम शिव-पार्वती भी वहां ठहर गए।
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मुझे जल के साथ-साथ बिल्वपत्र बहुत प्रिय है।जो अखंड बिल्वपत्र मुझे श्रद्धा से अर्पित करते हैं मैं उन्हें अपने लोक में स्थान देता हूं।
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एक पोल में तुर्की में युनेस्‍को द्वारा वर्ल्‍ड हैर‍िटेज में शाम‍लि किए जा चुके हाग‍िया सोफि‍या म्‍यूज‍ियम को मस्‍जिद में बदलने के लि‍ए सहमत‍ि मि‍ली है। लेकिन
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हिंदू धर्म में सावन के पवित्र महीने का बहुत ही विशेष महत्व है। सावन शुरू होते ही चारों तरफ सबकुछ हरा भरा दिखायी देता है। इस महीने में सुहागिन महिलाएं हरे रंग का परिधान और चूड़ियां पहनती हैं और सज संवरकर भगवान शिव का दर्शन करने जाती हैं।
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हमेशा से महिलाओं के वाचाल होने की प्रवृति, और वाक चातुर्य की सारी दुनिया कायल रही है। ऐसा ही एक मनोहारी वर्णन इस श्लोक में किया गया है जो बड़ा आनंददायक है। शिव-पार्वती का ये संवाद मन को गुदगुदाता है-
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अंकों में 13 नंबर को अशुभ या मनहूस समझा जाता है लेकिन क्या कभी आपने इसका कारण जानने की कोशिश की है? आइए आज इन 14 बातों से जानें 13 के अंक का रहस्य ...
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श्रावण सोमवार में शिवालय में तांबे के कलश में गंगाजल, अक्षत, सफेद चंदन मिलाकर शिवलिंग पर 'ॐ नम: शिवाय' यह मंत्र बोलते हुए अर्पित करें।
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श्रावण मास महादेव का सबसे प्रिय महीना है क्योंकि श्रावण मास में सबसे अधिक वर्षा होने के आसार रहते हैं, यह माह देवों के देव महादेव के गर्म शरीर को ठंडक प्रदान करता है।
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शुक्रवार को पीले कपड़े में 5 कौड़ी और थोड़ी-सी केसर, चांदी के सिक्के के साथ बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। उसके साथ थोड़ी हल्दी की गांठें भी रख दें। कुछ दिनों में ही इसका असर होने लगेगा।
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अविवाहिताएं श्रावण 16 सोमवार व्रत से मनचाहा वर पा सकती हैं। वैसे यह व्रत हर उम्र और हर वर्ग के व्यक्ति कर सकते हैं लेकिन नियम की पाबंदी के चलते वही लोग इसे करें जो क्षमता रखते हैं। आइए पढ़ें 16 सोमवार की 16 बातें...
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मनुष्य का आकार एक निश्चित क्रम में होता है। जीव के जीवन में गति होती है। जीव के जीवन में स्पंदन होता है। प्रकृति सनातन है। बिना स्पंदन के जीवन की कोई गति नहीं। गतिहीन व्यक्ति समाज को आकार नहीं दे सकता। गतिशील व्यक्ति ही समाज को तात्कालिक रूप से आकार ...
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1 अगस्त 2020 को प्रात:काल 5:00 बजे, (पंचांग अनुसार 31 जुलाई) को शुक्र गोचरवश राशि परिवर्तन कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र को नैसर्गिक भोग विलास व दाम्पत्य का कारक माना जाता है।
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काले, मीठे, रसीले और स्वाद भरे जामुन... हर मन पर राज करते हैं, और इसका स्वाद चखे बिना कोई नहीं रह पाता। स्वाद में जितने लाजवाब, उतने ही बेशकीमती हैं इसके सेहत व सौंदर्य लाभ। जानिए जामुन के 7 बेहतरीन लाभ.......
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