सुभाष चंद्रा के आरोपों पर रिलायंस का पलटवार, कहा- मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल के दावे बेबुनियाद
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ओर से मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को रिलायंस ने बयान जारी कर गलत बताया है। चंद्रा ने आरोप लगाया था कि रिलायंस की ओर से उन पर गलत आरोप लगाते हुए फेक खबरें प्लांट की जा रहीं हैं।
रिलायंस के प्रवक्ता ने बयान में कहा कि रिलायंस ग्रुप ने एसेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की बेबुनियाद बातों पर निराशा जताई है। हम रिलायंस ग्रुप का हिस्सा रही मीडिया कंपनियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और इशारों का सख्ती से खंडन करते हैं। हमारे मीडिया ब्रांड्स का इस्तेमाल कभी किसी पर हमला करने के लिए नहीं किया गया है और न ही कभी किया जाएगा। हम एक बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर के तौर पर सुभाष चंद्रा का बहुत सम्मान करते हैं। हम उनके अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।
इस सार्वजनिक बयानबाजी ने भारत के दो सबसे बड़े बिजनेस दिग्गजों के बीच सीधे टकराव को सबके सामने ला दिया है, जिसमें चंद्रा के आरोप खास तौर पर रिलायंस के मीडिया बिजनेस के कामकाज से जुड़े हैं।
क्या है मामला?
चंद्रा ने जी न्यूज़ के साथ एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि इन मीडिया कंपनियों ने गलत दावा किया कि उनका 22,000 करोड़ रुपए का कर्ज NCLT के जरिए 6.5 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया था।
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर अंबानी से संपर्क करने की कोशिश की थी और कोई जवाब न मिलने पर उन्हें पत्र भी लिखा था। उन्होंने अंबानी से अपने और अपने ग्रुप के खिलाफ दुष्प्रचार रोकने को कहा और मीडिया नेटवर्क पर उनके खिलाफ टारगेटेड कैंपेन चलाने का आरोप लगाया।
एसेल ग्रुप के चेयरमैन ने 2019 की घटनाओं से जुड़े कई आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय ज़ी के शेयर की कीमत में भारी गिरावट में अंबानी से जुड़ी कंपनियों की भूमिका थी। चंद्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद इन्वेस्को (Invesco) नाम के इन्वेस्टर के साथ मिलकर ज़ी को खरीदने की कोशिश की गई थी, जो इसलिए आगे नहीं बढ़ पाई क्योंकि प्रस्तावित व्यवस्था माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हित में नहीं थी।
चंद्रा ने कहा कि सालों के फाइनेंशियल स्ट्रेस और एसेट्स की बिक्री के बाद अब उनके पास खोने के लिए बहुत कम बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन पर हमले जारी रहे तो वे अपना बचाव करेंगे। उन्होंने रिलायंस की मीडिया कंपनियों से यह भी कहा कि वे गलत तरीके से निशाना बनाने के बजाय सही रिपोर्टिंग करें।

