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Last Updated: शनिवार, 4 फ़रवरी 2023 (09:30 IST)

अडाणी को कैसे मिली 'राहत', जानिए किस बैंक से कितना लिया है कर्ज?

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों की उथल-पुथल के बाद संकटग्रस्त कारोबारी गौतम अडाणी के अगुवाई वाले समूह के लिए शुक्रवार का दिन कुछ राहत भरा रहा। 2 वैश्विक रेटिंग फर्मों ने समूह की कंपनियों की रेटिंग को बरकरार रखा और उसके फ्रांसीसी साझेदार ने समूह की कंपनियों में अपने निवेश को सही ठहराया। बैंकों और सरकार के बयानों से भी अडाणी ग्रुप को कुछ राहत मिली। इधर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बयान भी अडाणी ग्रुप के निवेशकों को राहत देता प्रतित हो रहा है।

एक निरपेक्ष स्तर पर, यह अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2022 में 2 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था। इनमें से बैंक ऋण 70,000-80,000 करोड़ रुपए था।
 
 
देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कहा कि अडाणी समूह की कंपनियों को उसने करीब 27,000 करोड़ रुपए का कर्ज दिया हुआ है जो कुल वितरित ऋणों का सिर्फ 0.88 प्रतिशत है। 
 
पंजाब नेशनल बैंक ने अडाणी समूह पर लगभग 7,000 करोड़ रुपए का कर्ज दिया हुआ है जिसमें से 2,500 करोड़ रुपए हवाई अड्डा व्यापार से संबंधित हैं। कुल कर्ज में 42 करोड़ रुपए का निवेश और शेष कर्ज है। पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) अतुल कुमार गोयल ने कहा कि बैंक के आकार के अनुपात में बैंक का निवेश बहुत ज्यादा नहीं है। चिंता की कोई बात नहीं है।
 
बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजीव चड्ढा ने कहा कि उसने संकट में घिरे अडाणी समूह की कंपनियों को कर्ज में पिछले 2 साल में कटौती की है और बकाया कर्ज की गुणवत्ता को लेकर उसे कोई चिंता नहीं है। अडाणी समूह की इकाइयों को दिया गया कर्ज एलईएफ के तहत स्वीकृत सीमा का एक चौथाई ही है। हालांकि उन्होंने अडाणी समूह को बैंक की तरफ से दिए गए कर्ज की राशि नहीं बताई। अडाणी समूह को दिए गए कर्जों का एक-तिहाई हिस्सा या तो सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के साथ गठित संयुक्त उद्यमों का है या फिर कर्ज को सरकारी स्वामित्व वाली इकाइयों से गारंटी मिली है।
 
क्या बोला रिजर्व बैंक : भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बयान जारी कर कहा कि भारत का बैंकिंग क्षेत्र मजबूत और स्थिर है। केंद्रीय बैंक ने साथ ही यह भी कहा कि वह ऋणदाताओं पर लगातार नजर बनाए हुए है। शीर्ष बैंक ने साफ कहा कि बैंकों ने नियमों के मुताबिक ही कर्ज दिया है।
 
निवेशकों के भरोसे पर असर नहीं : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत का वित्तीय सेक्टर बहुत ही अच्छे तरीके से नियामक द्वारा नियंत्रित होता है। इस विवाद से निवेशकों के भरोसे प असर नहीं पड़ेगा। बैंकों ने अडाणी समूह को निधार्रित सीमा में ही लोन दिए हैं।
 
बढ़त के साथ बंद हुए शेयर : 24 जनवरी के बाद पहली बार समूह की प्रमुख फर्म अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड भी 8 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। हालांकि देश के इस सबसे बड़े औद्योगिक समूह को शेयर बाजार में पिछले 7 सत्र में उतना नुकसान हो चुका है जितना उसने 18 माह में कमाया था। 
 
रेटिंग एजेंसियों ने कराई रिकवरी : कहा जा रहा है कि अडाणी ग्रुप की कुछ कंपनियों के शेयरों में आई तेजी की वजह फिच और मूडीज की रिपोर्ट है। इसमें कहा गया है कि शेयरों में गिरावट का असर कंपनी की रैटिंग पर नहीं होगा। फ्रांस की टोटल एनर्जीज ने भी अडाणी की कंपनियों में हिस्सेदारी की समीक्षा करने से इनकार कर दिया। 
 
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह पर ‘शेयरों में गड़बड़ी करने और लेखा धोखाधड़ी’ में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इसके बाद से समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट आ रही है। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लगाए आरोपों को खारिज किया है।