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Last Updated : मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 (13:42 IST)

आसमान पर सोने और चांदी के दाम, फिर भी क्यों बढ़ रही मांग?

silver vs gold returns
Gold Silver Rates : देश में सोने चांदी के दामों को पर लगे हुए हैं। लगातार कीमत बढ़ने के बाद भी बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। पिछले 10 दिन में सोना 6540 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है तो चांदी की कीमत में भी 8000 रुपए किलो का इजाफा हुआ है।
 
भारत में मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,22,020 रुपए प्रति 10 ग्राम है। वहीं 22 कैरेट का भाव 1,11,850 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 18 कैरेट सोना 91520 रुपए प्रति 10 ग्राम मिल रहा है। 28 सितंबर को सोना 1,15,480 रुपए प्रति 10 ग्राम था। पिछले 10 दिनों में इसके दाम 6540 रुपए प्रति 10 ग्राम बढ़ गए है। 
 
7 अक्टूबर को चांदी का भाव हरे निशान में 1,57,000 रुपए प्रति किलोग्राम है। चांदी निवेश का तो अच्छा विकल्प है ही, साथ ही इसकी इंडस्ट्रियल खपत की हिस्सेदारी 60-70 प्रतिशत तक है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे और वडोदरा समेत कई शहरों में चांदी 1,57,000 रुपए किलो है। हालांकि चेन्नई, हैदराबाद, केरल आदि दक्षिण भारत के शहरों में इसकी कीमत 1,67,000 रुपए किलो है। 28 सितंबर को चांदी 1,49,000 रुपए प्रति किलो थी। पिछले 10 दिनों में यह 8000 रुपए किलो महंगी हुई।
 
क्यों महंगा हुआ सोना : साल 2025 में अब तक सोना लगभग 50 फीसदी बढ़ चुका है। डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए से भी देश में सोने की कीमत बढ़ गई है। घरेलू और वैश्विक कारणों से इस वर्ष सोने की मांग बनी हुई है। त्योहारी सीजन  की वजह से भी लोग इसे खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अमेरिकी में सरकारी शटडाउन की वजह से भी सोने की मांग में इजाफा हुआ है। निवेशक सेफ हैवन मानकर इस पीली धातु में लगातार निवेश कर रहे हैं। 
 
क्यों बढ़ रहे हैं चांदी के दाम : मांग में तेजी और सीमित उपलब्धता ने देश में चांदी की चमक में जोरदार इजाफा किया है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स समेत अन्य सेक्टर्स में चांदी की मांग तेजी आई है। चांदी कम मात्रा में भी आसानी से खरीदी जा सकती है,इससे आम निवेशकों के लिए आकर्षक निवेश विकल्प है।
 
हालांकि सोना और चांदी इस समय ऑल टाइम हाई चल रहे हैं। ऐसे में लोगों को इसमें निवेश करते समय सावधानी रखनी चाहिए। लांग टर्म में सोने चांदी में निवेश कभी भी घाटे का सौदा नहीं रहा है लेकिन दोनों ही धातुओं ने निवेशकों को पहले भी जमीन दिखाई है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट : वित्त विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि गोल्ड फिलहाल बबल टेरिटरी में है। यह कभी भी क्रश हो सकता है कभी भी गोल्ड अच्छा खासा नीचे आ सकता है। गोल्ड ETF है या गोल्ड के म्युचुअल फंड या गोल्ड के bond में जितना भी पैसा आ रहा है इसके अगेंस्ट फिजिकल में उतना गोल्ड बाय नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का भी कहना है कि सावरेन गोल्ड बॉन्ड का सिर्फ 25 परसेंट ही फिजिकल गोल्ड बाय किया गया है। बाकी पैसे को पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। अगर आज सभी लोग अपने bond को  ETF को गोल्ड में कन्वर्ट करने जाए तो फिजिकल इतना गोल्ड नहीं है कि उसको कन्वर्ट किया जा सके। यह सिर्फ एक पेपर गोल्ड है और इसे एक स्क्विज कहा जाता है। इसलिए ऐसा लगता है कि गोल्ड में कभी भी एक करेक्शन आ सकता है। फिलहाल निवेशकों को सावधान रहना चाहिए अपने पैसे को सही तरीके से निवेश करना चाहिए।
 
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।