भारत के पास हैं तीन समुद्र और हजारों किलोमीटर के समुद्री तट

sea ocean depth
भारत के एक ओर हिमालय तो तीन और समुद्र है। भारत तीन ओर से समुद्र से घिरा है और जिसके 13 राज्यों की सीमा से समुद्र लगा हुआ है। निम्न प्रमुख समुद्र तटों से समुद्र को निहारना बहुत ही रोमांचक अनुभव होता है। ये राज्य निम्न हैं- 1.आंध्रप्रदेश, 2.पश्चिम बंगाल, 3.केरल, 4.कर्नाटक, 5.उड़ीसा 6.तमिलनाडु, 7.महाराष्ट्र, 8.गोवा, 9.गुजरात, 10.पुडुचेरी, 11.अंडमान-निकोबार, 12.दमण-दीव और 13.लक्ष्यद्वीप। आओ जानते हैं कि भारत के ये तीन समुद्र कौन कौनसे हैं।

: धरती के 70.8% प्रतिशत भाग पर समुद्र है जिसमें से 14% भाग पर बसा है विराट हिंद महासागर। हिंद महासागर का क्षेत्रफल 7.4 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। यह महासागर दक्षिण में अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच फैला हुआ है, जबकि इसके उत्तर-पश्‍चिम में भारत है। हिंद महासागर का अधिकांश भाग पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध में आता है। इस सागर के दर्शन आप कन्या कुमारी (तमिलनाडु) से कर सकते हैं। अंध महासागर और प्रशांत महासागर से जुड़े हुए इस महासागर की गहराई 4 किलोमीटर है।

बंगाल की खाड़ी : जल का वह भाग, जो तीन तरफ स्थल भाग से घिरा हुआ हो, उसे 'गल्फ' कहते हैं। गल्फ व खाड़ी लगभग समानार्थी शब्द हैं। अरब की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी का नाम ज्यादा प्रसिद्ध है। भारत में बंगाल की खाड़ी दुनिया की सबसे बड़ी खाड़ी मानी जाती है। यह हिन्द महासागर का उत्तर-पूर्वी भाग है। यह खाड़ी त्रिभुजाकार है, जिसके उत्तर में बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल, पूर्व में म्यांमार और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह और पश्चिम में भारत तथा श्रीलंका स्थित हैं। बंगाल की खाड़ी का क्षेत्रफल लगभग 2,172,000 किमी² है। इस खाड़ी की औसत गहराई 8500 फीट और अधिकतम गहराई 15400 फीट है। गंगा, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, गोदावरी और स्वर्णरेखा आदि नदियां इसी में विसर्जित हो जाती है। इस खाड़ी के तट पर तमिलनाडु, पुदुचेरी, आंध्र प्रदेश, ओड़िसा और पश्‍चिम बंगाल इसी के तट पर है। यहीं पर भारत का अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह भी स्थित है।

: हिन्द महासागर का पश्तिमोत्तर भाग अरब सागर कहलाता है। यह सागर लगभग 38,62,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह पूर्व में भारत पश्चिम में अफ्रीकी अंतरद्वीप और अरब प्रायद्वीप से, उत्तर में ईरान और पाकिस्तान और दक्षिण की ओर हिन्द महासागर के शेष भाग से घिरा हुआ है। इसकी अधिकतम चौढ़ाई 2,400 किलोमीटर है। योरप के लोग इसी मार्ग से भारत आते रहे हैं। इसके तट पर केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु है। भारत के लक्ष्यद्वीप, दादर, नगर हवेली और दमण-दीव इसी सागर में हैं। सिंधु नदी इसी सागर में विसर्तित हो जाती है।



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