आओ आंगन-आंगन अपने
चम्पा-जूही-गुलाब-पलास लगाएं
सौंधी-सौंधी खूशबू से अपना
चमन चंदन-सा चमकाएं
हरियाली फैलाकर
ऑक्सीजन बढ़ाएं
फैले प्रदूषित वातावरण को मिटाएं
आओ, हम सब नन्हे-मुन्नो
घर-घर अलख जगाएं
पर्यावरण का पाठ
जगभर को पढ़ाएं।
- लालबहादुर श्रीवास्तव
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