ईरान-इजराइल युद्ध से तेल संकट गहराया, ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर पार
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 112 डॉलर के पार पहुंच गई। WTI क्रूड भी 98.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इंडियन बास्केट में भी आज क्रूड के दाम 156.3 डॉलर प्रति बैरल हो गए।
युद्ध शुरू होने से पहले 27 फरवरी को ब्रेंट क्रूड महज $72.48 पर था। अमेरिका और इजराइल के हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मूज से तेल के जहाजों की आवाजाही रोक दी। इस वजह से कुछ ही हफ्तों में कच्चे तेल कीमतों में भारी उछाल आया है। इसका असर भारत के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर पड़ा है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से दोनों और से लगातार क्रूड और मिसाइल हमलों से भारी तबाही हो रही है। जंग उस समय भीषण हो गई जब तेल को निशाना बनाया गया। अब ईरान और इजराइल एक दूसरे के न्यूक्लियर प्लांट पर भी हमले कर रहे हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ हार्मूज नहीं खोलने पर पॉवर प्लांट पर हमले की धमकी दी है। दूसरी और ईरान ने खाड़ी देशों के पानी पर हमले की धमकी दी है। बहरहाल दोनों ओर से जारी बयानों से युद्ध के और भयावह होने के संकेत मिल रहे हैं।
ईरान नहीं देगा अतिरिक्त कच्चा तेल
अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी तौर पर ढील दे दी है। हालांकि ईरान ने ग्लोबल मार्केट में अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है। ईरान के इस बयान से ग्लोबल मार्केट में चिंता बढ़ गई है।
भारत में क्या है तेल का हाल
भारत सरकार तेल संकट से निकलने के लिए कई विकल्पों पर काम कर रही है। ईरान से बात कर स्ट्रेट ऑफ हार्मूज के रास्ते कई जहाजों को बाहर निकाला गया। अमेरिका और रूस से भी तेल के जहाज भारत पहुंचे। ब्राजील से भी कच्चा तेल मंगाया जा रहा है। भारत में भी उत्पादन बढ़ाया गया है।
edited by : Nrapendra Gupta