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  4. US wants to befriend Jamaat e Islami before the Bangladesh elections relations with India could sour again
Last Modified: ढाका/वॉशिंगटन , शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 (23:29 IST)

बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात ए इस्लामी को दोस्त बनाना चाहता है अमेरिका, भारत से रिश्ते फिर हो सकते हैं तल्ख

India
बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों से पहले एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। 'द वाशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राजनयिक बांग्लादेश की सबसे प्रमुख दक्षिणपंथी पार्टी, जमात-ए-इस्लामी के साथ संपर्क बढ़ाने के संकेत दे रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस बार के चुनावों में जमात अपना अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन कर सकती है।

क्या कहा अमेरिकी राजनयिक ने 

मीडिया खबरों के मुताबिक ढाका में तैनात एक अमेरिकी राजनयिक ने 1 दिसंबर 2025 को बांग्लादेशी पत्रकारों के साथ एक बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान स्वीकार किया कि बांग्लादेश में "इस्लामी बदलाव" (Islamic shift) आया है। वाशिंगटन पोस्ट द्वारा प्राप्त ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर, राजनयिक ने कहा कि अमेरिका जमात के नेताओं को अपना 'दोस्त' बनाना चाहता है। इतना ही नहीं, उन्होंने पत्रकारों को यह सुझाव भी दिया कि वे जमात के प्रभावशाली छात्र संगठन, 'इस्लामी छात्र शिबिर' के सदस्यों को अपने टेलीविजन कार्यक्रमों में आमंत्रित करें।

सर्वे में जमात की मजबूत स्थिति

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा अगले महीने कराए जा रहे चुनावों को लेकर कई सर्वे सामने आए हैं। इन सर्वेक्षणों के अनुसार जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्षी दल 'बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी' (BNP) के बेहद करीब खड़ी दिख रही है। अमेरिकी वाशिंगटन का अनुमान है कि पार्टी इस बार अपने पिछले सभी चुनावी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या पड़ सकता है असर

एक्सपर्ट्स ने इस कूटनीतिक कदम पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि जमात-ए-इस्लामी का झुकाव पारंपरिक रूप से पाकिस्तान की ओर रहा है। ऐसे में अमेरिका का जमात के करीब जाना भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों को और अधिक प्रभावित कर सकता है। 
Edited by : Sudhir Sharma 
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