क्‍या अमेरिका में डोनाल्‍ड ट्रंप को नहीं दी जाती खुफ‍िया जानकारी?

Donald trump
Last Updated: रविवार, 28 जून 2020 (17:49 IST)
अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप दुन‍ि‍या के सबसे ताकतवर शख्‍स हैं और अमेर‍िका दुन‍िया का सबसे ताकतवर संपन्‍न देश।
अमेर‍िका में अमेर‍िका से बाहर दुन‍िया में कहीं भी पत्‍ता भी हि‍लता है तो ट्रंप को पता चलता है। या कम से कम उन्‍हें इसकी जानकारी होती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि खुद उनके देश अमेर‍िका में उन्‍हें कई खुफिया जानकारी नहीं दी जाती है।

दरअसल, व्हाइट हाउस ने ही यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि ट्रंप को कई तरह की खुफिया जानकारी नहीं दी जाती है।

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस की तरफ से हर तरह की खुफिया जानकारी नहीं दी जाती है। व्हाइट हाउस जिस जानकारी को राष्ट्रपति के लिए जरूरी समझता है सिर्फ वो ही उन्हें बताई जाती है बाकी जानकारियों को छिपाकर रखा जाता है।

शुक्रवार को अमेरिकी वेबसाइट न्यूयॉर्क टाइम्स में एक स्टोरी प्रकाशित की गई जिसमें ये लिखा गया कि रूस ने तालिबान से अफगानिस्तान में तैनात सैन्य सैनिकों को मारे जाने के लिए इनाम देने की घोषणा की थी। रूस ने तालिबान से जुड़े आतंकियों से किसी तरह से संपर्क करके कहा कि यदि वो अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाएंगे तो इसके एवज में उनको इनाम दिया जाएगा। अमेरिकी खुफिया विभाग की ओर से इसके बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोई जानकारी ही नहीं दी गई थी।

अब जब अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति जो बिडेन को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने कहा कि इसके लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप को खुफिया विभाग की ओर से ये जानकारी दे दी गई थी तो उनको रूस को सजा देना चाहिए था मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया।

अधिकारियों ने इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुक्रवार को बताया कि एक रूसी सैन्य खुफिया इकाई ने गुप्त रूप से तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को अफगानिस्तान में अमेरिकी और गठबंधन सैनिकों को निशाना बनाने के लिए भुगतान किया था, ट्रंप को इसके बारे में जानकारी दी गई थी।

व्हाइट हाउस की ओर से किसी भी खुफिया जानकारी या आंतरिक विचार विर्मश पर नियमित रूप से टिप्पणी नहीं की जाती है। इंटेलीजेंस एजेंसी, सीआईए निदेशक, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और कर्मचारियों के प्रमुख सभी पुष्टि करते हैं कि इस बारे में न तो राष्ट्रपति और न ही उप राष्ट्रपति को खुफिया जानकारी दी गई थी। व्हाइट हाउस की ओर से भी इस बारे में एक बयान तब जारी किया गया जब न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट पर इस संबंध में खबर चलाई जा चुकी थी।

टाइम्स के लेख में यह भी बताया गया है कि व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मार्च के अंत में एक इंटरजेंसी मीटिंग में समस्या पर चर्चा की थी लेकिन अभी तक उस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए रूस पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया बल्कि वो इस तरह की जानकारी होने से ही इनकार करते रहे। ट्रंप ने ऐसा करके खुद को ही शर्मिंदा किया है।



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