विजय चौहान को 'अनमोल धरोहर' के लिए शब्द निष्ठा पुरस्कार
देश के 10 कथाकार प्रतिभागियों में विजेताओं में स्थान बनाने वाले कथा-शिल्पी विजय सिंह चौहान, इन्दौर (म.प्र.) को उनकी कहानी 'अनमोल धरोहर' के लिए शब्द निष्ठा पुरस्कार-2025 प्रदान किया गया। उक्त पुरस्कार आचार्य रत्न लाल 'विद्यानग' स्मृति अखिल भारतीय लघु कहानी प्रतियोगिता के तहत हर वर्ष प्रदान किया जाता है।
उक्त जानकारी डॉ. अखिलेश पालरिया संयोजक शब्द निष्ठा पुरस्कार, अजमेर के द्वारा प्रदत्त करते हुए बताया कि उक्त पुरस्कार के तहत नगद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
चौहान शहर के ख्यात अभिभाषक है साथ ही लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। आपकी दो पुस्तकें 'संवेदनाओं का आचमन' और 'पत्थर पर बुवाई' प्रकाशित हुई हैं। मालवी बोली में भी आपकी लघुकथाओं का अनुवाद शहर की ख्यात शिक्षिका श्रीमती अर्चना ललित मंडलोई ने किया। इसके साथ ही आपकी लघुकथाओं का बंगाली, नेपाली, उड़िया, मराठी में अनुवाद हो रहा है।