कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, सवाल पूछने वाले बेशर्म, जीतू पटवारी ने किया पलटवार, अमृत की जगह जहर पिलाते हो
इंदौर में दूषित पानी से 23 मौतों के बाद मचा है राजनीतिक घमासान
इंदौर में दूषित पानी से 23 लोगों की मौत के बाद उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हादसे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेता आमने- सामने हैं। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है तो भाजपा के नेता उन्हें बेशर्म कह कर इंदौर की जनता से माफी मांगने की बात कह रहे हैं।
यह विवादित बयानबाजी का घमासान दरअसल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रहा है। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा है कि जो लोग इस पर सवाल पूछते हैं उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इंदौर के लिए क्या किया, हमने इंदौर को चमकाया, यहां नर्मदा लेकर आए, नर्मदा के बगैर इंदौर क्या होता। इस पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पलटवार किया है।
23 हत्याओं की घटना छोटी है : पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की 23 हत्याओं को छोटी घटना बताई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा हैं कि जो सवाल पूछ रहे हैं, उन बेशर्मों को शर्म आना चाहिए। सवाल तो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, सुमित्रा महाजन ने भी पूछा, इंदौर और मप्र की लाखों जनता ने पूछा हैं कि, जो सरकार 25 साल में एक गिलास शुद्ध जल नहीं दे सकी, जिसके कारण 23 मौत हो गईं। वो लोग बेशर्म है या, सवाल पूछने वाले बेशर्म हैं।
आपके दिए वोटों के बदले ये मिला आपको : जीतू पटवारी ने कहा कि हमारा दायित्व हैं चुनाव, राजनीति, सरकार, पद अपनी जगह हो सकते है, पर इंदौर के परिवारजनों की अपनी मां अहिल्या की सीख होती हैं, किसी भी परिस्थिति में कितने भी बड़े अहंकारी हो जाए लोग, उनसे न्याय मांगना चाहिए। मैं इंदौर शहर की जनता से विनम्रता से आग्रह करता हूं कि उनको आपने जितने वोट दिए, उसका प्रतिसाद है इस तरह की भाषा। पहले पत्रकार को गाली दे रहे थे, अब सवाल पूछने वालों को गाली दे रहे हैं। ये आशा इंदौर की जनता इन जनप्रतिनिधियों ने नहीं करती।
कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग : जीतू पटवारी ने कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है, क्योंकि भागीरथपुरा विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र (इंदौर-1) में आता है और वे स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री भी हैं। पटवारी ने मांग की है कि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और दोषी अधिकारियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। पटवारी ने कहा कि "इंदौर को सफाई में नंबर-1 बताने वाली भाजपा सरकार ने जनता को अमृत की जगह जहर पिला दिया है।" जब एक पत्रकार ने मंत्री विजयवर्गीय से अस्पताल के बिलों के रिफंड और लापरवाही पर सवाल पूछा, तो उन्होंने आपा खो दिया और पत्रकार को 'फोकट के सवाल मत पूछो' कहते हुए कुछ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
हमने इंदौर को कितना दिया : बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में कहा था कि जो लोग इंदौर की सफाई पर सवाल उठा रहे हैं, इसका मजाक उडा रहे हैं वो बेशर्म है, उन्हें शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि हमने इंदौर को नर्मदा दी, कांग्रेस ने क्या दिया। नर्मदा कांग्रेस के बगैर क्या होता। सफाई की बात है तो हमारे सफाई मित्र रात को 2 बजे सफाई करते नजर आते हैं। जब सुबह मैं योगा करता हूं उस वक्त वे वाहनों से कचरा लेने आ जाते हैं।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल