इंदौर में पीएनजी गैस पाइप लाइन में कर दी बोरिंग, धमाके के साथ लगी आग, 3 लोग झुलसे, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
इंदौर के विजय नगर के सुमन नगर में मंगलवार को वाटर रिचार्जिंग पिट की ड्रीलिंग के दौरान गैस पाइपलाइन में धमाके के साथ आग लग गई। इसमें जिनी झाला निवासी गीताभवन, सुभाष ठाकुर निवासी काजी की चाल और गोपाल मालाकर झुलस गए। तीनों आईसीयू में भर्ती हैं। एक बाइक व एक्टिवा भी खाक हो गई। लोगों का कहना है कि वार्ड 31 के पार्षद बालमुकुंद सोनी बोरिंग करवा रहे थे। घटना स्थल से 50 मीटर दूर गैस कंपनी के बोर्ड पर इन्होंने ध्यान नहीं दिया।
घटना दोपहर 3:30 बजे हुई। इलाके में अवंतिका गैस की 125 मिमी की हाई-प्रेशर पाइपलाइन बिछी है। ड्रिलिंग से पाइपलाइन फट गई और आग लग गई। फायर ब्रिगेड ने 400 लीटर फोम और पानी का उपयोग कर आग पर काबू पाया।
हाईकोर्ट में याचिका दायर : अधिवक्ता रितेश ईनाणी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें विजय नगर क्षेत्र में रिचार्जिंग के लिए की जा रही खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से हुए गंभीर हादसे का संज्ञान लेने की मांग की गई है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें गंभीर शारीरिक क्षति पहुंची है। ऐसे में राज्य शासन की जिम्मेदारी है कि सभी घायलों एवं पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सहायता और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट से निवेदन किया गया है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए और जिन व्यक्तियों, एजेंसियों तथा अधिकारियों की लापरवाही इस घटना में पाई जाए, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
क्या हुआ था हादसे के वक्त : एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि स्कूटर से नानी के घर जा रही थी। जैन मंदिर के पास पहुंची तो बड़ा धमका हुआ। उससे लगी आग से मैं झुलसने लगी। सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में कूदी और खुद को बचाया। एक ने बताया कि वे डॉक्टर के पास जा रहे थे। तभी अचानक धमाका होते ही आग लगी। मैं बाइक सहित गिर पड़ा। जब तक उठ पाता, मेरे दोनों पैर हाथ और पीठ भी बुरी तरह जल गए।
Edited By: Naveen R Rangiyal
हाईकोर्ट में याचिका दायर : अधिवक्ता रितेश ईनाणी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें विजय नगर क्षेत्र में रिचार्जिंग के लिए की जा रही खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन फटने से हुए गंभीर हादसे का संज्ञान लेने की मांग की गई है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उन्हें गंभीर शारीरिक क्षति पहुंची है। ऐसे में राज्य शासन की जिम्मेदारी है कि सभी घायलों एवं पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सहायता और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। जनहित याचिका के माध्यम से कोर्ट से निवेदन किया गया है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराई जाए और जिन व्यक्तियों, एजेंसियों तथा अधिकारियों की लापरवाही इस घटना में पाई जाए, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
क्या हुआ था हादसे के वक्त : एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि स्कूटर से नानी के घर जा रही थी। जैन मंदिर के पास पहुंची तो बड़ा धमका हुआ। उससे लगी आग से मैं झुलसने लगी। सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में कूदी और खुद को बचाया। एक ने बताया कि वे डॉक्टर के पास जा रहे थे। तभी अचानक धमाका होते ही आग लगी। मैं बाइक सहित गिर पड़ा। जब तक उठ पाता, मेरे दोनों पैर हाथ और पीठ भी बुरी तरह जल गए।
Edited By: Naveen R Rangiyal

