घर में दिशा का रखें ध्यान
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NDयदि पश्चिम दिशा में द्वार का मुँह हो तो उसका संबंध संतान तथा धातु तत्व से होता है। यह दिशा बच्चों के शयन कक्ष के लिए उत्तम मानी जाती है। इस क्षेत्र को सक्रिय करने के लिए क्रिस्टल का उपयोग करना चाहिए।
