अथर्वकुमार मंडलोई धामनोद नगर के हाट के दिन का एक वाकया है। यह विदेशी पर्यटक और ठेले वाले के बीच की घटना थी। घटना यह थी कि हाट के दिन एक विदेशी पर्यटक एक ठेले वाले की तस्वीर ले रहा था, तभी ठेले वाले ने उसे तस्वीर लेने से मना किया। मेरे अध्यापक जो कि घटना को देख रहे थे उस विदेशी के जाने के बाद उन्होंने ठेले वाले से पूछा कि 'क्यों भाई, आपने तस्वीर क्यों नहीं खिंचवाई।'
ठेले वाले ने उत्तर दिया, 'साहब, ये विदेशी हमारी तस्वीर विदेश ले जाकर अपने लोगों को बताएँगे और कहेंगे कि देखो जिस देश को लोग सोने की चिड़िया कहते हैं, वहाँ के लोग कितने दरिद्र और असहाय हैं।' इस घटना को सुनकर मुझे लगा, सचमुच हमारे देश में लोगों के मन में देशप्रेम की भावना अब भी जिंदा है।