जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक नीत्शे ने कहा- शक्ति की आकांक्षा जहां-जहां दिखाई देती है उनमें एक है- समाज और व्यक्ति। मूल सिद्धांत सिर्फ व्यक्ति ही स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं। समूह इसलिए बनाए गए है ताकि वे काम किए जाएं जिन्हें करने का साहस व्यक्ति में नहीं होता। व्यक्ति अपनी खुद...