love poem | लिखा तुम्हारा नाम है
शांति सुमन
केसर रंग रंगा मन मेरा
सुआपंखिया शाम है।
बड़े प्यार से सात रंग में
लिखा तुम्हारा नाम है
सौ आमन्त्रण बजे स्नेह के
बरसे रंग सुहाग के
यह कैसी कोमलता आँखें
सजल-सलज्ज अनुराग से
थर-थर कँपते से होठों पर
लगता पूर्ण विराम है
और हथेली में फूलों से
लिखा तुम्हारा नाम है।
खुलने लगे पृष्ठ सब पिछले
बीत गए क्षण-क्षण के
परत-दर-परत लगी गमकने
पंख लगे दर्पण के
चंदन-वन की छाँहें अलसीं
अंकित ललित-ललाम है
तन्मय चुंबन-सिक्त अधर पर
लिखा तुम्हारा नाम है।
ND
NDसुआपंखिया शाम है।
बड़े प्यार से सात रंग में
लिखा तुम्हारा नाम है
सौ आमन्त्रण बजे स्नेह के
बरसे रंग सुहाग के
यह कैसी कोमलता आँखें
सजल-सलज्ज अनुराग से
थर-थर कँपते से होठों पर
लगता पूर्ण विराम है
और हथेली में फूलों से
लिखा तुम्हारा नाम है।
खुलने लगे पृष्ठ सब पिछले
बीत गए क्षण-क्षण के
परत-दर-परत लगी गमकने
पंख लगे दर्पण के
चंदन-वन की छाँहें अलसीं
अंकित ललित-ललाम है
तन्मय चुंबन-सिक्त अधर पर
लिखा तुम्हारा नाम है।

