यही मेरी प्रार्थना है
- शकुन गुप्ता
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तुझसे प्रार्थना करूँ?
तेरी प्रार्थना करूँ तो
केवल शब्द होंगे
मेरी महिमा का वर्णन होगा
तेरी लीला के गीत होंगे
और यदि
तुझसे प्रार्थना करूँ तो,
मेरी इच्छाएँ होंगी, मेरी माँगें होंगी।
प्रभु, आशीर्वाद दे - कि
मेरी प्रार्थना में केवल
तुझे देने को कुछ हो,
तेरे संग चलने का जज्बा हो
उसमें न शर्त हो, न अधिकार हो
केवल धन्यवाद हो। मेरी प्रार्थना में
तेरी रजा में, मेरी रजा हो
तेरा हर कदम मेरी भलाई का है
यही विश्वास हो।
और प्रभु।
मैं तुझे कुछ देना भी चाहूँ तो
क्या दूँ?
सारा संसार तो तेरा है
सारी सृष्टि तेरी है,
तेरा तुझको अर्पण किया तो क्या किया।
मेरे पास तो प्रभु,
मेरा निर्मित केवल एक
अहंकार ही है
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और उसी के साथ
पूरी की पूरी समर्पित हो जाऊँ
तू, तू न रहे मैं, मैं न रहूँ
यही मेरी प्रार्थना है।
साभार : लेखिका 08

