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Written By WD

बिटिया बड़ी हो गई है

संजय परसाई

बिटिया
NDND
प्रतीक्षा

अभी से करने लगी है सयानी बातें!

आठवाँ जन्मदिन

कुछ दिनों पहले ही गया है

लेकिन अभी से होने लगा है

उसके बड़े होने का एहसास।

कभी भैया को समझाती

कभी मम्मी और दादी को

दादाजी को भी सलाह देने से नहीं चूकती।

ऑफिस जाते वक्त नहीं करती जिद

बाय, टाटा, शाम को जल्दी आना, बस!

कहाँ से आ गई इतनी समझ

ऑफिस के अलावा

कहीं जाने नहीं देती अकेला।

मंदिर से लौटते में पूछ लिया

प्रतीक्षा, क्या खाओगी?

तपाक से बोली, बाजार की चीजें नहीं खाते।

क्या वाकई बड़ी हो गई है बिटिया?

लड़की के बड़े होने के एहसास से बड़ी

कोई चिंता नहीं।

आईने में चेहरे की लकीरें बता रही हैं

सचमुच बड़ी हो रही है

मेरी बिटिया।
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