1. लाइफ स्‍टाइल
  2. »
  3. साहित्य
  4. »
  5. काव्य-संसार
  6. फूल, तुम्हारे होंठों पर खिले हैं

Poem | फूल, तुम्हारे होंठों पर खिले हैं

फाल्गुनी

चाँद सूर्य सितारे फूल रेशम साहित्य
NDND
चाँद
तुम नहीं
तुम्हारे माथे की बिंदिया है।

सूर्य
तुम्हारे चेहरे का तेज नहीं
तुम्हारी आँखों की चमक में है।

सितार
तुम्हारे लहराते आँचल पर नहीं
तुम्हारे खिलखिलाते बालों में हैं।

फूल
तुम्हारे कोमल हाथ नहीं
तुम्हारे होंठों पर खिले हैं।

रेश
तुम्हारे परिधान पर नहीं
तुम्हारी बाँहों पर फिसल रहें है।