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नूतन वर्षाभिनन्दन
श्रीकांत साकल्ले नवरस-सम आस्वादों से जीवन मधुमय।नवरंग-सम परिधानों से मोहक-छविमय।।नवनिधि-सम अर्जन में नित गतिमय। नवधा-सम नवप्रण से हो भक्तिमय।।नव-नीलकंठ आतंक-दमन में हो शक्तिमय।नवम-नवल-नवरत्नों-सम भारत नवलय।। नूतन-वर्षाभिनन्दन-नूतन-वर्षाभिनन्दन !