1. लाइफ स्‍टाइल
  2. »
  3. साहित्य
  4. »
  5. काव्य-संसार
Written By WD

आया है निखार होली में....

होली
-स्नेहिल खन्न
NDND
जाग उठे हैं सारे अरमान होली में
हसरतों पर आया है निखार होली में..

दहकते टेसू टप-टप गिरते हैं ऐसे
जैसे धरती पर गिरते हों अंगार होली में..

हवा में खुमार है नशा-सा है
बहक जाते हैं कदम बार-बार होली में..

पिया तो दूर जाकर परदेसी हो गए
याद आता है उनका प्यार होली में..

सखियों ने उड़ाया गुलाल तो जाने क्या हुआ
बज उठा देह का तार-तार होली में..!
लेखक के बारे में
WD